लखनऊ, 21 मई 2026:
यूपी अब अपनी सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने की तैयारी में है। योगी सरकार ने ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान के तहत एक ऐसी महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है। इससे अब आम नागरिक भी अपना संग्रहालय खोल सकेंगे। सरकार की नई नीति के अनुसार परिवार, ट्रस्ट, शैक्षणिक संस्थान और निजी संगठन अपने पास मौजूद ऐतिहासिक धरोहरों, पांडुलिपियों, दुर्लभ तस्वीरों, लोक कलाकृतियों और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े अभिलेखों को सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए संग्रहालयों के रूप में विकसित कर सकेंगे।
प्रदेश सरकार ने ‘पब्लिक म्यूजियम’ को पर्यटन इकाई का दर्जा देकर इसे सांस्कृतिक पर्यटन और निवेश दोनों के लिहाज से बड़ा अवसर बना दिया है। अब निजी या लीज की भूमि पर कम से कम 5,000 वर्ग फीट प्रदर्शनी क्षेत्र और पार्किंग जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ संग्रहालय स्थापित किए जा सकेंगे। खास बात यह है कि टिकट की दरें तय करने का अधिकार भी संग्रहालय संचालकों के पास होगा।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश के कई परिवारों और संस्थानों के पास ऐसी ऐतिहासिक धरोहरें हैं जो अब तक घरों और निजी संग्रहों तक सीमित थीं। नई नीति के माध्यम से इन्हें सार्वजनिक अनुभव का हिस्सा बनाया जाएगा। इससे नई पीढ़ी अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ सकेगी। उन्होंने कहा कि अब पब्लिक म्यूजियम खोलना सामाजिक पहल के साथ-साथ फायदे का सौदा भी साबित होगा।

सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए भारी वित्तीय प्रोत्साहनों का भी ऐलान किया है। 10 लाख से 10 करोड़ रुपये तक के निवेश पर 25 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। इसकी अधिकतम सीमा 2 करोड़ रुपये होगी। वहीं 50 करोड़ तक के निवेश पर 20 प्रतिशत, 200 करोड़ तक पर 15 प्रतिशत और 500 करोड़ रुपये तक के निवेश पर 10 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।
500 करोड़ से अधिक निवेश वाली परियोजनाओं को भी अधिकतम 40 करोड़ रुपये तक की सहायता मिलेगी। इसके अलावा 100 प्रतिशत स्टांप शुल्क छूट और भूमि उपयोग परिवर्तन एवं विकास शुल्क में भी पूरी राहत दी जाएगी। महिला और अनुसूचित जाति-जनजाति उद्यमियों को अतिरिक्त 5 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी।
अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि सरकार ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन म्यूजियम’ की रूपरेखा पर काम कर रही है। उनका कहना है कि संग्रहालय अब केवल इतिहास की इमारतें नहीं, बल्कि युवाओं को अपनी संस्कृति और पहचान से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेंगे।






