
लखनऊ, 1 अक्टूबर 2026:
यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) 2027 से पहले सियासी बयानबाजी तेज होती जा रही है। राज्यसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी और INDIA गठबंधन की गतिविधियों के बीच योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राहुल गांधी को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव की INDIA गठबंधन की बैठक में गैरमौजूदगी पर सवाल खड़े किए।
ओमप्रकाश राजभर ने लिखा कि राहुल गांधी अपने ‘दोस्त’ अखिलेश यादव से पूछें कि वह बैठक में क्यों नहीं आए। उन्होंने सवाल किया कि जब राज्यसभा नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है तो 30 सितंबर को ही नामांकन करने की ऐसी क्या जल्दी थी। राजभर ने यह भी पूछा कि अगर अखिलेश खुद नहीं पहुंच सके तो डिंपल यादव या धर्मेंद्र यादव को क्यों नहीं भेजा गया। उनके मुताबिक दोनों नेता भी नामांकन में मौजूद नहीं थे। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश ऑनलाइन भी बैठक से जुड़ सकते थे।
‘ज्ञानेश कुमार को लेकर ऊर्जा बर्बाद कर रहे’
सुभासपा प्रमुख ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष के आरोपों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार फरवरी 2025 में मुख्य चुनाव आयुक्त बने, इसलिए उनसे पहले हुए चुनावों के नतीजों के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था।
मित्र @RahulGandhi जी,
कल आपने इंडी गठबंधन की बैठक की। ज़रा अपने दोस्त अखिलेश यादव जी से पूछियेगा कि वो ऐसा कौन सा काम कर रहे थे कि बैठक में आ ना सके। राज्यसभा का नामांकन 6 अक्टूबर तक होना है, कल ही नामांकन करने की कौन सी जल्दी थी?
चलिए मान लिया कि कल नामांकन नहीं होता तो…
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) October 1, 2026
‘आरोपों का खेल छोड़ जनता के बीच जाइए’
राजभर ने 2014, 2019 और 2024 के चुनावों में भाजपा की जीत का जिक्र करते हुए विपक्ष से सवाल किया कि इन चुनावों के समय ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं थे। उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर ऊर्जा खर्च करने के बजाय जनता के बीच जाए।
…अब एक ‘अपराधी’ प्रत्याशी की घोषणा बाकी
इससे पहले राज्यसभा प्रत्याशी बनाए गए पूंजीपति धनराज नथवानी के नाम को लेकर भी राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा था। उन्होंने अखिलेश के ‘PDA’ फॉर्मूले पर तंज कसते हुए इसे ‘परिवार, दौलतमंद और अपराधी’ के रूप में परिभाषित किया। राजभर ने कहा कि प्रो. रामगोपाल यादव और दौलतमंद वर्ग से धनराज नथवानी का नाम सामने आ चुका है और अब एक ‘अपराधी’ प्रत्याशी की घोषणा बाकी है।






