National

ब्रह्मोस हमले के बाद परमाणु युद्ध के करीब पहुंचा पाकिस्तान, सलाहकार बोले- सिर्फ 45 सेकंड थे हमारे पास

इस्लामाबाद, 4 जुलाई 2025:
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक और ब्रह्मोस मिसाइल हमले के बाद पाकिस्तान के अंदर डर का माहौल था। अब इस संबंध में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह का एक चौंकाने वाला बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि भारत द्वारा मिसाइल दागे जाने के समय पाकिस्तान की सेना के पास यह तय करने के लिए केवल 30 से 45 सेकंड का समय था कि मिसाइल पारंपरिक है या परमाणु।

यह बयान ऐसे समय पर आया है जब 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों और सैन्य प्रतिष्ठानों पर करारा प्रहार किया था। भारत की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कई एयरबेस और आतंकी अड्डों को भारी नुकसान पहुंचा।

राणा सनाउल्लाह ने पाकिस्तानी मीडिया से बात करते हुए कहा, “जब भारत ने नूर खान एयरबेस की ओर ब्रह्मोस दागा, तब हमारी सेना को निर्णय लेने के लिए मुश्किल से 30 से 45 सेकंड का समय मिला। इतने कम समय में यह समझ पाना कि मिसाइल में परमाणु हथियार है या नहीं, बहुत बड़ा खतरा था।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर पाकिस्तान ने इस हमले को परमाणु हमले के रूप में समझ लिया होता, तो जवाबी कार्रवाई में पूरा क्षेत्र तबाही की ओर बढ़ सकता था।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत ने सरगोधा, जैकबाबाद, सुक्कुर, रहीम यार खान और चकलाला स्थित नूर खान एयरबेस जैसे कई ठिकानों को सटीकता से निशाना बनाया था। सैटेलाइट तस्वीरों में रनवे और हैंगर की तबाही साफ देखी गई थी। भारतीय सेना ने लश्कर, जैश और हिजबुल जैसे आतंकी संगठनों के ट्रेनिंग कैंप भी तबाह कर दिए थे।

ये भी पढ़ें:

चार दिन चले इस सैन्य संघर्ष के बाद दोनों देशों ने संघर्ष विराम पर सहमति जताई। लेकिन राणा सनाउल्लाह का यह बयान इस बात का संकेत है कि भारत की रणनीति ने पाकिस्तान को न केवल सैन्य रूप से, बल्कि मानसिक रूप से भी झकझोर दिया।

ये भी पढ़ें  अमेरिका में पाक सेना प्रमुख की लादेन से तुलना, ट्रंप पर भी उठे सवाल

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link