
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 19 सितंबर 2026ः
त्योहारी सीजन से पहले उत्तराखंड सरकार ने निर्माण श्रमिकों को बड़ी राहत दी है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में 10,709 पात्र निर्माण श्रमिकों के खातों में 18.49 करोड़ रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी। इसमें सबसे बड़ी संख्या शिक्षा सहायता पाने वाले लाभार्थियों की रही। कुल 8,083 श्रमिक परिवारों को शिक्षा सहायता दी गई। सीएम ने कहा कि निर्माण श्रमिक राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार का प्रयास है कि श्रमिकों व उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य व सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ समय से मिले।
सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र श्रमिक परिवार तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, परिवारों के पोषण, महिलाओं के स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने योजनाओं में पात्रता सत्यापन और जनपदवार कवरेज की नियमित मॉनिटरिंग करने और दूरस्थ क्षेत्रों के पात्र श्रमिकों को भी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए।
पुत्री विवाह सहायता के 2,354 परिवारों को मिला लाभ
कार्यक्रम में बताया गया कि वर्तमान डीबीटी के तहत प्रसूति एवं प्रसविधा सहायता के 95, मृत्युपरांत सहायता के 177, पुत्री विवाह सहायता के 2,354 और शिक्षा सहायता के 8,083 लाभार्थी शामिल हैं। इन सभी योजनाओं के तहत कुल 10,709 लाभार्थियों को सहायता राशि हस्तांतरित की गई। बोर्ड की ओर से बताया गया कि निर्माण श्रमिक परिवारों के लिए संचालित समेकित कल्याण मॉडल के तहत अब तक 33,429 शिक्षण सामग्री किट, 26,674 स्वच्छता सामग्री किट और 23,216 पोषाहार किट वितरित की जा चुकी हैं। कुल मिलाकर 83,319 किट का वितरण हुआ है।

स्वास्थ्य योजना में किए गए 2.32 लाख स्वास्थ्य परीक्षण
श्रमिक स्वास्थ्य योजना के तहत अब तक 20,527 स्वास्थ्य स्क्रीनिंग और 2,32,281 स्वास्थ्य परीक्षण किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने योजना की प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच से गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान में मदद मिल रही है। प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार सम्मेलन में भी उत्तराखंड की श्रमिक स्वास्थ्य योजना को सराहना मिली। पश्चिम बंगाल, दिल्ली, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों ने इस मॉडल को अपने राज्यों में अपनाने में रुचि दिखाई। मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से कार्यस्थल पर ही जांच, परामर्श और रेफरल सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
LCCMS से सेस संग्रह में 47.21 प्रतिशत वृद्धि
बैठक में Labour Cess Collection Management System (LCCMS) की प्रगति की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि वर्ष 2025 में इस प्रणाली को ई-गवर्नेंस श्रेणी में SKOCH Gold Award मिला। प्रणाली के माध्यम से अब तक 21,200 प्रतिष्ठानों का ऑनलाइन पंजीकरण किया गया है और सेस संग्रह में 47.21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इस अवसर पर राज्य सलाहकार संविदा बोर्ड के अध्यक्ष कैलाश पंत, सतर्कता समिति की अध्यक्ष गीता रावत, उपाध्यक्ष मोहनी पोखरिया, उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. श्रीधर बाबू अदांकी, सचिव प्रकाश चन्द्र दुम्का सहित श्रम विभाग और बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहे।






