
एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ),19 सितंबर 2026:
यूपी के लखनऊ जिले की मोहनलालगंज तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कई जिम्मेदार अधिकारियों की गैरहाजिरी का मामला सामने आया। फरियाद लेकर पहुंचे लोगों को कई विभागों से जुड़े अधिकारियों का इंतजार करना पड़ा। वहीं शिकायत दर्ज कराने के बाद मिलने वाली सरकारी रसीद को लेकर भी फरियादियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
अफसरों की गैरहाजिरी पर उठे सवाल
संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता एडीएम सिविल सप्लाई ज्योति गौतम ने की। एसडीएम आकाश सिंह चौहान भी मौजूद रहे। इस दौरान नामित कई थानों के प्रभारी, इंस्पेक्टर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। इससे फरियादियों की शिकायतों की सुनवाई को लेकर सवाल खड़े हुए।
रसीद के लिए पहुंचे लोगों को मिला अलग जवाब
समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे फरियादियों को रसीद लेने के लिए भी परेशानी हुई। रसीद काउंटर पर मौजूद कर्मचारियों ने लोगों से कहा कि पहले शिकायत दर्ज कराएं। अधिकारी शिकायत पर लिखेंगे, इसके बाद ही रसीद दी जाएगी। इस व्यवस्था को लेकर फरियादियों में नाराजगी देखी गई।

शिकायतों की संख्या कम दिखाने का आरोप
किसान संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि शिकायतों की संख्या को रिकॉर्ड में कम दिखाने के लिए रसीद देने की प्रक्रिया पर रोक लगाई गई है। उनका कहना था कि इससे शासन को भेजी जाने वाली रिपोर्ट में समाधान दिवस पर पहुंची शिकायतों की वास्तविक संख्या सामने नहीं आ पाती।
एडीएम ने कहा, रसीद देना जरूरी
मामले की जानकारी एडीएम (आपूर्ति) ज्योति गौतम को दी गई। उन्होंने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस को लेकर जारी शासनादेश का पालन प्राथमिकता से किया जाना चाहिए। फरियादी को शिकायत की रसीद देना जरूरी है। यदि रसीद नहीं दी जा रही है तो यह गलत है। एडीएम ने मौके पर ही एसडीएम आकाश सिंह चौहान को मामले को तत्काल देखने के निर्देश दिए।
किसान नेताओं ने जांच की मांग उठाई
रसीद देने की व्यवस्था को लेकर भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने भी नाराजगी जताई। किसान नेताओं का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने वाले व्यक्ति के पास रसीद न होने पर उसे अपनी शिकायत के निस्तारण की स्थिति पता करने में दिक्कत होगी। उन्होंने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।






