
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 20 सितंबर 2026ः
NEET UG 2026 की उत्तराखंड राज्य केंद्रीकृत काउंसलिंग में फर्जी (NEET UG Counseling 2026 Fraud) प्रमाणपत्रों के जरिए प्रवेश लेने के मामले को लेकर सरकार ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में कूटरचित प्रमाणपत्र पाए जाने के बाद आठ अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र निरस्त कर उनकी प्रवेश प्रक्रिया भी रद्द कर दी गई है। अब सरकार ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए सभी आरक्षित श्रेणियों का लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की जांच कराने का फैसला किया है।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रमाणपत्रों का गहन सत्यापन किया जाए और जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने पर संबंधित अभ्यर्थी के साथ-साथ प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में संलिप्त लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए। NEET UG 2026 की राज्य केंद्रीकृत काउंसलिंग के दौरान फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर प्रवेश लिए जाने की शिकायत सामने आई थी। इसके बाद सीएम ने अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के निर्देश दिए। जिला प्रशासन की जांच में अब तक आठ प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए, जिन्हें निरस्त करते हुए संबंधित प्रवेश भी रद्द कर दिए गए हैं।
कुछ अन्य अभ्यर्थियों द्वारा अलग-अलग आरक्षित श्रेणियों के कथित कूटरचित प्रमाणपत्र इस्तेमाल किए जाने की आशंका के बाद जिला प्रशासन स्तर पर जांच जारी है। सरकार ने अब सभी आरक्षित श्रेणियों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन का निर्णय लिया है। सत्यापन के दौरान फर्जी पाए जाने वाले प्रमाणपत्र तत्काल निरस्त किए जाएंगे और संबंधित मामलों में कार्रवाई की जाएगी। सीएम धामी ने कहा कि फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए प्रवेश लेना गंभीर मामला है और सरकार किसी भी स्तर पर योग्य अभ्यर्थियों के हितों से समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि प्रमाणपत्रों की जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।






