Uttar Pradesh

वाराणसी में क्रूज के खिलाफ नाविकों का प्रदर्शन, गंगा पर मोर्चेबंदी क्यों?

वाराणसी,19 अक्टूबर 2024

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में शुक्रवार की शाम गंगा के बीच नाविकों ने क्रूज की घेराबंदी करके जबरदस्त प्रदर्शन किया। गंगा में अलकनंदा क्रूज के बाद दो और नए लग्जरी क्रूज के आने की खबर सुन के नाविक आक्रोशित हो गए।

नमो घाट के सामने खड़े बंगाल गंगा नाम के एक बड़े लग्ज़री क्रूज के चारों ओर अपनी नावों को लगाकर नाविक प्रदर्शन करने लगे। खबर लगते ही मौके पर जल पुलिस और अधिकारी पहुंचे। नाविकों ने आक्रोशित होकर अधिकारियों को साफ-साफ चेतावनी दी कि अगर इन दोनों क्रूज का संचालन किया गया तो वे किसी भी क्रूज को गंगा में चलने नहीं देंगे। इस मामले को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा।

नाविकों ने कहा- हमारे पेट पर लात मार रही सरकार

नाविक समाज के प्रमोद माझी ने बताया कि एक बड़ा क्रूज 4 दिन पहले नमो घाट पहुंचा है। हम लोगों को जानकारी मिली है कि ऐसा ही एक बड़ा क्रूज और आ रहा है, जो रामनगर से आदि केशव घाट के बीच चलेगा। पहले से ही अलकनन्दा क्रूज 4 बड़ी क्रूज संचालित कर रहा है। ऐसे में हम लोगों का रोजगार खत्म करने की साजिश सरकार कर रही है। हम किसी भी हालत में इन क्रूज को संचालित नहीं करने देंगे। अगर सरकार ने जबरदस्ती की तो इस बार देव दीपावली में हम कोई नौका या क्रूज नहीं चलने देंगे। 4 महीने से हम लोग बाढ़ की वजह से वैसे ही बेकार बैठे थे। अब इन बड़े क्रूज़ संचालकों को उतार कर हमारे रोजगार को छीना जा रहा है।

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अजय राय हुए हमलावर

कांग्रेस नेता अजय राय ने इस मामले को अपने सोशल मीडिया हैंडल से शेयर करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। अजय राय ने कहा कि काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रसाद का काम अभी हाल ही में गुजरात की अमूल कंपनी को दे दिया, जिसकी वजह से स्थानीय लोगों का रोजगार खत्म हो गया। अब अन्य प्रदेशों के बड़े लोगों को यहां बुला कर माझी समुदाय के आय के ज़रिए को उनको सौंपने की तैयारी है। पीएम मोदी बनारस के सांसद हैं, लेकिन स्थानीय लोगों के साथ वो सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। काशी के स्थानीय व्यापार को बाहरी उद्योगपतियों को सौंपना कहां तक उचित है।

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