
लखनऊ, 10 अगस्त 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में सोमवार को मजदूरों और घरेलू कामगार महिलाओं के मुद्दे को लेकर समाजवादी मजदूर सभा ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। विधानसभा के नजदीक दारुलशफा विधायक निवास से जनभवन की ओर कूच कर रहे सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरीकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।

प्रदर्शनकारी हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर पहुंचे थे। उन्होंने ‘मजदूर विरोधी सरकार मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए सरकार पर मजदूरों और घरेलू कामगारों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता भी शामिल हुईं। महिलाओं ने चम्मच से थाली बजाकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
कार्यकर्ताओं ने पुलिस बैरीकेडिंग पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर अभद्रता करने का भी आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग घरेलू कामगार महिलाओं के लिए कल्याण बोर्ड के गठन की रही। उनका कहना था कि घरेलू कामगार महिलाएं लंबे समय से अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रही हैं, लेकिन उनके लिए प्रभावी संस्थागत व्यवस्था नहीं बनाई गई है। संगठन का आरोप है कि सरकारी स्तर पर लगातार उपेक्षा के चलते घरेलू कामगार महिलाओं के शोषण की स्थिति बढ़ रही है।

समाजवादी मजदूर सभा के राष्ट्रीय सचिव राम गोपाल ने कहा कि मजदूरों और महिलाओं की लड़ाई पार्टी सदन से लेकर सड़क तक लड़ रही है। उन्होंने कहा कि घरेलू कामगार महिलाएं समाज की रीढ़ हैं और उनकी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
राम गोपाल ने सरकार से जल्द घरेलू कामगार महिलाओं के लिए कल्याण बोर्ड गठित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं हुई तो मजदूर हितों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।






