
लखनऊ, 10 सितंबर 2026:
यूपी विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षक भर्ती का मुद्दा एक बार फिर सियासी गर्मी बढ़ाने लगा है। आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बहुचर्चित 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती और 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती में आरक्षण विसंगतियों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला बोला है। उन्होंने दोनों मामलों में अलग-अलग पत्र लिखकर राज्य सरकार से पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुतियां तत्काल लागू करने और सुप्रीम कोर्ट में अभ्यर्थियों के पक्ष में सकारात्मक रुख अपनाने की मांग की है।
68,500 भर्ती में OBC को 5% छूट का मुद्दा
संजय सिंह ने अपने पहले पत्र में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2018 के OBC और दिव्यांग अभ्यर्थियों का मुद्दा उठाया। उनके मुताबिक उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने 5 जनवरी 2022 की अपनी संस्तुति को बरकरार रखते हुए 16 जून 2026 को सर्वसम्मति से निर्णय लिया। इसके बाद 9 जुलाई 2026 को प्रमुख सचिव, बेसिक शिक्षा को भेजी गई संस्तुति में OBC अभ्यर्थियों को 150 में से 60 अंक यानी 40 प्रतिशत पर उत्तीर्ण मानते हुए परिणाम संशोधित कर नियुक्ति देने की बात कही गई।
संजय सिंह का दावा है कि अभ्यर्थियों के अनुसार भर्ती में करीब 23 हजार पद खाली हैं। इनमें लगभग 9 हजार पद OBC वर्ग के हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सात साल बीत जाने का हवाला देकर बेसिक शिक्षा विभाग अभ्यर्थियों को इस लाभ से वंचित कर रहा है।
पूरी पत्र: PDF
‘एक भर्ती में छूट, दूसरी में भेदभाव क्यों?’
AAP सांसद ने सरकार पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बेसिक शिक्षा विभाग ने सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा-2019 और प्रधानाध्यापक भर्ती-2021 में OBC अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत छूट दिए जाने की बात स्वीकार की है। ऐसे में 68,500 भर्ती के अभ्यर्थियों को इससे वंचित करना संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 में दिए समानता के अधिकार के खिलाफ है।
69,000 भर्ती पर सुप्रीम कोर्ट में ‘सकारात्मक हलफनामा’ की मांग
दूसरे पत्र में संजय सिंह ने 69,000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण विसंगति से प्रभावित OBC और SC अभ्यर्थियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 5 जनवरी 2022 को जारी 6,800 आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की सूची अब तक अधर में है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में 16 सितंबर 2026 को अहम सुनवाई होनी है।

पूरी पत्र: PDF 2
संजय सिंह ने मांग की कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट और सकारात्मक कानूनी पक्ष रखे। यदि 6,800 अभ्यर्थियों की नियुक्ति तत्काल संभव नहीं है तो बेसिक शिक्षा विभाग के हलफनामे में बताए गए 4,946 रिक्त पदों पर मेरिट डाउन कर OBC और SC अभ्यर्थियों का समायोजन किया जाए। साथ ही नियुक्ति को 1 जून 2020 से प्रभावी मानते हुए सेवा और वरिष्ठता संबंधी हित सुरक्षित किए जाएं।
‘सड़क से संसद तक लड़ेंगे लड़ाई’
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश का युवा वर्षों से न्याय के लिए संघर्ष कर रहा है और सरकार संवैधानिक संस्थाओं की संस्तुतियों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इन शिक्षक अभ्यर्थियों की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक लड़ेगी। साथ ही मुख्यमंत्री से बेसिक शिक्षा विभाग को तत्काल निर्देश देकर योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति और न्याय दिलाने की अपील की।






