
लखनऊ, 16 सितंबर 2026:
यूपी सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अपनी बढ़ती क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने जा रहा है। नई दिल्ली के यशोभूमि (आईआईसीसी), द्वारका में गुरुवार से 19 सितंबर तक आयोजित होने वाले सेमीकॉन इंडिया 2026 में योगी सरकार प्रदेश के उभरते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, नीतिगत सहयोग और भविष्य की तैयारियों को प्रमुखता से सामने रखेगी।
इस आयोजन में दुनिया की सेमीकंडक्टर कंपनियों के साथ विभिन्न राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, भारतीय उद्योग जगत, स्टार्टअप और इस क्षेत्र से जुड़े अन्य प्रमुख पक्ष शामिल होंगे। ऐसे में यूपी के लिए यह अपनी औद्योगिक क्षमता और निवेश के अवसरों को वैश्विक कंपनियों के सामने रखने का बड़ा मंच होगा।
वीडियो में दिखेगा यूपी का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम
सेमीकॉन इंडिया 2026 में यूपी की ओर से प्रचार वीडियो के जरिए प्रदेश के उभरते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम की तस्वीर पेश की जाएगी। इनमें मौजूदा बुनियादी ढांचे, नीतिगत सहयोग और भविष्य की तैयारियों को प्रमुखता से दिखाया जाएगा। साथ ही भारत के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम में यूपी की भूमिका को भी रेखांकित किया जाएगा। इस बार आयोजन का मुख्य विषय ‘ट्रांसफॉर्म टुमारो-सिलिकॉन टू सिस्टम्स : बिल्डिंग ग्लोबल सप्लाई चेन्स’ है। इसमें सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की पूरी वैल्यू चेन पर चर्चा और प्रदर्शन होगा।
2 लाख वर्गफुट में प्रदर्शनी, 10 स्टेट पवेलियन
सेमीकॉन इंडिया 2026 में 500 से अधिक प्रदर्शक करीब 2 लाख वर्गफुट क्षेत्र में अपनी क्षमताएं प्रदर्शित करेंगे। कार्यक्रम में 10 स्टेट पवेलियन, 7 कंट्री पवेलियन और 40 स्टार्टअप के लिए अलग स्टार्टअप पवेलियन होगा। 150 से अधिक वक्ताओं की भागीदारी के साथ राज्य सरकारों के राउंडटेबल, प्रशिक्षण सत्र, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कंपोनेंट्स पर अलग ट्रैक और कंट्री राउंडटेबल भी होंगे।
निवेश से लेकर भविष्य के कार्यबल तक फोकस
यूपी की भागीदारी का फोकस प्रदेश में तैयार हो रहे इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने पर रहेगा। मौजूदा सुविधाओं और नीतिगत समर्थन के साथ भविष्य की तैयारियों की जानकारी भी साझा की जाएगी। आयोजन में निवेश, तकनीक, सप्लाई चेन और उद्योग की बदलती जरूरतों के साथ भविष्य के कार्यबल पर चर्चा होगी। अंतरराष्ट्रीय सहयोग और निवेश के अवसर बढ़ाने के साथ सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए भविष्य में तैयार कार्यबल विकसित करने पर भी जोर रहेगा।






