
बिजनेस डेस्क, 7 अगस्त 2026:
भारतीय Share Market में शुक्रवार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में निवेशकों ने बिकवाली का रुख अपनाया, जिससे सेंसेक्स करीब 250 अंक तक लुढ़क गया। वहीं निफ्टी भी 24,600 के आसपास कारोबार करता दिखा। बढ़ते कच्चे तेल के दाम, वैश्विक तनाव, कमजोर विदेशी संकेतों का असर घरेलू बाजार पर साफ नजर आया।
शुरुआती कारोबार में कैसी रही बाजार की चाल
सुबह करीब 9:30 बजे बीएसई सेंसेक्स 249 अंक की गिरावट के साथ 78,705.76 पर कारोबार कर रहा था। एनएसई निफ्टी 35 अंक टूटकर 24,601 के स्तर पर पहुंच गया। कारोबार की शुरुआत में दोनों प्रमुख सूचकांक करीब 0.6 फीसदी तक नीचे चले गए थे।
रुपये में भी आई कमजोरी
शेयर बाजार की नरमी के बीच भारतीय रुपया भी दबाव में रहा। शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया छह पैसे कमजोर होकर 95.28 पर पहुंच गया। विदेशी बाजारों के संकेत भी निवेशकों का भरोसा मजबूत नहीं कर सके।
किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा बिकवाली
शुरुआती कारोबार में बजाज समूह की कंपनियों के शेयरों समेत आईसीआईसीआई बैंक में तेज बिकवाली देखने को मिली। कुछ बड़े शेयरों में करीब पांच फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना।
बाजार क्यों दबाव में है
विशेषज्ञों के मुताबिक गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेजी है। इसके साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ी भू-राजनीतिक चिंता ने भी निवेशकों की बेचैनी बढ़ा दी है। ईरान ने इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से शत्रुतापूर्ण जहाजों की आवाजाही पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा है। इससे वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्यों है अहम
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ने वाला दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता माना जाता है। वैश्विक समुद्री तेल कारोबार का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर सीधा असर डाल सकता है।






