
सीतापुर, 12 जुलाई 2026:
सीतापुर के सकरन तहसील में आयोजित समाधान दिवस के दौरान उस समय सभी की नजरें एक शिकायत पर टिक गईं, जब एक ग्रामीण ने जमीन की पैमाइश के बदले कानूनगो पर 1000 रुपये लेने का आरोप लगाया। शिकायत सुनते ही जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर ने मौके पर ही कानूनगो को कड़ी फटकार लगाई। डीएम का सख्त रुख देखते ही कानूनगो ने अपनी जेब से 1000 रुपये निकालकर शिकायतकर्ता को वापस कर दिए। हालांकि घटना के बाद विभागीय कार्रवाई नहीं होने की चर्चा भी पूरे परिसर में होती रही।
आदेश के बाद भी नहीं हो रही थी पैमाइश
सुमरावां कुटीपुरवा निवासी कालीदीन ने डीएम को बताया कि उसकी जमीन की पैमाइश का आदेश पहले ही हो चुका था, लेकिन कानूनगो ने 1000 रुपये लेने के बाद भी काम नहीं किया। कई बार चक्कर लगाने के बावजूद पैमाइश टाल दी गई। समाधान दिवस में शिकायत सामने आने के बाद डीएम ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित कानूनगो को फटकार लगाई। इसके बाद उसने तुरंत रुपये वापस कर दिए।
लेखपाल को भी लगी फटकार
समाधान दिवस के दौरान मनकौरा क्षेत्र के एक लेखपाल की कार्यशैली पर भी डीएम ने नाराजगी जताई। पैमाइश की रिपोर्ट में देरी और काम में लापरवाही मिलने पर उन्होंने सभी के सामने चेतावनी देते हुए तय समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए।
दिव्यांग की मदद के लिए तुरंत दिए आदेश
ऊंचगांव अदवारी निवासी दिव्यांग पप्पू कुमार ने डीएम को बताया कि उन्हें बैटरी से चलने वाली ट्राइसाइकिल और घर में शौचालय की जरूरत है। शिकायत सुनने के बाद डीएम ने जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी और संबंधित ग्राम सचिव को तुरंत जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें जल्द सरकारी योजना का लाभ मिल सके।
राजस्व विभाग की शिकायतें सबसे ज्यादा
समाधान दिवस में कुल 49 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें 34 मामले राजस्व विभाग से जुड़े थे। जांच के बाद 21 मामलों को दर्ज किया गया, जबकि तीन शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। पुलिस विभाग से 15, विकास खंड से पांच, खाद्य एवं रसद विभाग से पांच और दिव्यांगजन कल्याण विभाग से एक मामला सामने आया। डीएम ने बाकी 46 लंबित शिकायतों के जल्द निस्तारण के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों को जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर शिकायत की निष्पक्ष जांच हो और तय समय के भीतर लोगों को राहत मिले।






