Sitapur City

पिंजरे तक आया, शिकार भी छोड़ा, वन विभाग को चकमा देकर लौटा बाघ, गांवों में फैली दहशत

मधवापुर में किसान की जान लेने के बाद लगातार बदल रहा ठिकाना, कतर्निया से एक्सपर्ट की टीम पहुंची, ट्रैप कैमरों में नहीं दिखा बाघ, पिंजरे के पास मिले नए पगचिह्न, महोली में भी मौजूदगी से ग्रामीण अलर्ट

सीतापुर, 18 जुलाई 2026:

सीतापुर में किसान की मौत के बाद बाघ को पकड़ने की वन विभाग की कोशिशें अभी तक सफल नहीं हो सकी हैं। मधवापुर के जंगल से सटे इलाके में सक्रिय बाघ पिंजरे तक पहुंचा, लेकिन फंसने से पहले ही लौट गया। हैरानी की बात यह रही कि उसने पिंजरे में बांधी गई बकरी का भी शिकार नहीं किया। अब वन विभाग मान रहा है कि बाघ काफी सतर्क हो चुका है और हर कदम बेहद सावधानी से उठा रहा है।

किसान की मौत के बाद बढ़ी निगरानी

बता दें बुधवार को संदना क्षेत्र की मधवापुर ग्राम पंचायत के रसुलवा गांव निवासी किसान कमल किशोर पर घास काटने के दौरान बाघ ने हमला कर दिया था। मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी। घटनास्थल पर मिले पगचिह्नों की जांच में बाघ की मौजूदगी की पुष्टि हुई थी। इसके बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और वन विभाग ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया।

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पिंजरे तक आया, फिर लौट गया

वन विभाग ने बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया और उसमें बकरी बांधी। साथ ही कई जगह ट्रैप कैमरे भी लगाए गए। तीन दिन की निगरानी के दौरान बाघ पिंजरे के बेहद करीब तक पहुंचा, लेकिन अंदर नहीं गया। उसने बकरी पर भी हमला नहीं किया और वापस जंगल की तरफ लौट गया। शुक्रवार शाम पिंजरे के पास फिर उसके ताजा पगचिह्न मिले, जिससे साफ है कि वह आसपास ही घूम रहा है।
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ट्रेंकुलाइज टीम ने संभाला मोर्चा

बाघ को ट्रेंकुलाइज करने की अनुमति मिलने के बाद कतर्नियाघाट से वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम संदना पहुंच चुकी है। टीम ने कमांड सेंटर बनाकर इलाके में लगातार निगरानी शुरू कर दी है। ट्रैप कैमरों और सर्च ऑपरेशन के जरिए बाघ की सटीक लोकेशन तलाशने की कोशिश जारी है, लेकिन अब तक वह हर बार टीम की नजर से बच निकल रहा है।

महोली में भी मिले पगचिह्न

उधर महोली क्षेत्र में भी बाघ की मौजूदगी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कठिना नदी से करीब 600 मीटर दूर अमिरता गांव के मूंगफली के खेत में बाघ के पगचिह्न मिले हैं। पिछले साल अगस्त में इसी इलाके से बाघिन और उसके शावकों को पकड़ने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन नए पगचिह्न मिलने से एक बार फिर डर लौट आया है। वन विभाग ने गांव वालों से अकेले खेतों में न जाने और समूह में ही निकलने की अपील की है।
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गांवों में दहशत का माहौल

मधवापुर, रसुलवा, अमिरता समेत आसपास के गांवों में लोग जरूरी काम भी सावधानी से कर रहे हैं। कई ग्रामीण सुबह और शाम खेतों में जाने से बच रहे हैं। वन विभाग की टीमें लगातार लोगों को सतर्क रहने, जंगल की ओर अकेले न जाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की सलाह दे रही हैं। डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा, ट्रैप कैमरे और ट्रेंकुलाइज टीम लगातार काम कर रही है। विभाग को उम्मीद है कि जल्द ही बाघ को सुरक्षित पकड़ लिया जाएगा।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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