बिजनौर, 1 जून 2026:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बिजनौर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान गाजियाबाद के चर्चित सूर्या हत्याकांड का उल्लेख करते हुए कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द पर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दोस्ती की आड़ में होने वाली छुरेबाजी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही अभिभावकों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई अपनी नालायक औलाद को नहीं समझा पा रहा है तो वह बड़ी गलती कर रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बिजनौर के अफजलगढ़ क्षेत्र स्थित आलमपुर गावड़ी पहुंचे थे। यहां उन्होंने पाकिस्तान से विस्थापित 1645 हिंदू परिवारों और 50 पूर्व सैनिकों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजनौर महाभारत की धरती है और यह हमें इस बात के लिए प्रेरित करती है कि जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। अहिंसा और करुणा मानवता के गहने हैं, लेकिन जब सामने खर-दूषण जैसे तत्व हों तो शस्त्र उठाना भी जरूरी हो जाता है। उन्होंने भगवान कृष्ण का जिक्र करते हुए कहा कि सज्जनों के साथ सज्जनता होनी चाहिए, दुर्जनों के साथ नहीं।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर गोमाता की तस्वीर लगाकर बकरीद की बधाई देने वालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में गोहत्या का क्या मतलब होता है, यह सभी जानते हैं। अगर कोई ऐसी हरकत करने की सोच रहा है तो अपने लोगों को पहले ही समझा ले। गोमाता के साथ किसी भी तरह की हिमाकत कई पीढ़ियों तक याद रखी जाएगी।

उन्होंने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करने वाले पहले यह तय करें कि उनका आचरण क्या है। गाय को भारतीय संस्कृति में माता का दर्जा प्राप्त है और मां-पुत्र के रिश्ते के लिए किसी सरकारी घोषणा की जरूरत नहीं होती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय हमारे लिए केवल पशु नहीं, बल्कि माता हैं। जिस तरह गंगा को हम माता मानते हैं, उसी तरह गोमाता का सम्मान भी हमारे संस्कारों का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर किसी बाहरी व्यक्ति या आक्रांता से प्रमाण लेने की जरूरत नहीं है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हुए अत्याचारों पर कुछ लोग कभी आवाज नहीं उठाते। उन्होंने सवाल किया कि पाकिस्तान से विस्थापित हिंदुओं या बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए हमलों के खिलाफ कई धार्मिक नेताओं की आवाज क्यों नहीं सुनाई देती।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बांग्लादेश में हिंदुओं की आबादी लगातार घटी है और पाकिस्तान में भी हिंदू समुदाय का प्रतिशत काफी कम हो गया है। उन्होंने कहा कि वहां हो रहे उत्पीड़न की निंदा करने की नैतिक जिम्मेदारी सभी की है। नागरिकता कानून के जरिए पाकिस्तान से प्रताड़ित होकर आए हिंदू, सिख, जैन और अन्य परिवारों को न्याय देने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को सम्मान और अधिकार दिलाना भारत की जिम्मेदारी है।
बिजनौर को विकास की नई सौगातों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज, सड़क और रेलवे परियोजनाओं से जिले की तस्वीर बदल रही है। उन्होंने पुलिस भर्ती का उल्लेख करते हुए कहा कि अब भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी है और किसी की सिफारिश या दबाव नहीं चलता।






