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आपदा के वक्त यूपी सरकार बनी ढाल… 710 करोड़ की मदद जारी, जानिए राज्य ने कैसे संभाला संकट

वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश सरकार ने आपदा पीड़ितों को राहत देने के लिए 710.12 करोड़ रुपये जारी किए, आपदा प्रभावितों को तुरंत सहायता देने के लिए राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से आपदा प्रहरी एप और 1070 टोल फ्री नंबर का संचालन किया जा रहा है

लखनऊ, 31 जनवरी 2026:

उत्तर प्रदेश सरकार आपदा पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बाढ़, भूकंप, सूखा, अग्निकांड, शीतलहर और मानव-जीव संघर्ष जैसी आपदाओं से निपटने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 710.12 करोड़ रुपये की आपदा राहत राशि जारी की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में राहत आयुक्त कार्यालय ने त्वरित सहायता, बचाव और पुनर्वास को प्राथमिकता दी है, जिससे प्रदेश आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक मजबूत मॉडल के रूप में उभर रहा है।

बाढ़ प्रभावितों को सबसे ज्यादा राहत राशि

जारी की गई कुल राशि में से सबसे अधिक 365.73 करोड़ रुपये बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों के लिए खर्च किए गए हैं। यह राशि सरयू, गंगा और घाघरा नदी से प्रभावित इलाकों में बचाव और पुनर्वास कार्यों पर खर्च की गई। इसके अलावा चक्रवात और आंधी-तूफान से हुए नुकसान की भरपाई के लिए 14.13 करोड़ रुपये, ओलावृष्टि से हुई क्षति के लिए 0.13 करोड़ रुपये और अग्निकांड पीड़ितों के लिए 14.63 करोड़ रुपये की राहत राशि जारी की गई।

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शीतलहर से बचाव के लिए विशेष इंतजाम

ठंड से बचाव के लिए सरकार ने 50.72 करोड़ रुपये की राशि जारी की। राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से निराश्रित और असहाय लोगों के लिए व्यापक इंतजाम किए गए, जिससे इस साल शीतलहर के कारण होने वाली जनहानि में कमी आई। कंबल वितरण के लिए 45.51 करोड़ रुपये और अलाव जलाने के लिए 3.51 करोड़ रुपये खर्च किए गए।

27 हजार से ज्यादा जगहों पर जले अलाव

प्रदेश के सभी जनपदों में 27,027 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की गई, जहां अब तक 1,69,834 अलाव जलाए जा चुके हैं। जरूरत के अनुसार यह व्यवस्था लगातार जारी है। जिला प्रशासन की ओर से अब तक 5,89,689 कंबल गरीबों और निराश्रितों में वितरित किए जा चुके हैं, जिससे हजारों लोगों को ठंड से राहत मिली।

रैन बसेरों ने दी हजारों लोगों को राहत

शीतलहर के दौरान प्रदेश भर में 1,242 रैन बसेरे संचालित किए गए, जहां अब तक 64 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित आश्रय मिला। ये रैन बसेरे निराश्रितों और असहाय लोगों के लिए जीवन रक्षक साबित हुए। सरकार का प्रयास है कि कोई भी जरूरतमंद ठंड में खुले आसमान के नीचे न सोए।

आपदा प्रहरी एप और टोल फ्री नंबर से तुरंत मदद

आपदा प्रभावितों को तुरंत सहायता देने के लिए राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से आपदा प्रहरी एप और 1070 टोल फ्री नंबर का संचालन किया जा रहा है। इसके जरिए आपात स्थिति में त्वरित राहत और बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जा रहा है। सरकार का साफ लक्ष्य है कि हर आपदा प्रभावित व्यक्ति को समय पर मदद मिले और उसकी जान व आजीविका दोनों की सुरक्षा हो।

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