
लखनऊ, 29 जुलाई 2026:
यूपी के ग्रामीणों के लिए आधार से जुड़ी सेवाएं अब पहले से कहीं अधिक आसान होने जा रही हैं। प्रदेश के पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायतों को डिजिटल सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत छह जिलों की 110 ग्राम पंचायतों में आधार नामांकन और अपडेट सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। इस नई व्यवस्था का लाभ अब तक 75 हजार से अधिक ग्रामीण उठा चुके हैं। इससे उन्हें शहरों के चक्कर लगाने और समय व धन खर्च करने से राहत मिली है।
पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह के अनुसार सरकार का लक्ष्य चरणबद्ध तरीके से प्रदेश की सभी 57,694 ग्राम पंचायतों में आधार केंद्र स्थापित करना है। पहले चरण में 5,000 ग्राम पंचायतों को इस योजना से जोड़ा जा रहा है। इससे ग्रामीणों को नाम, पता, मोबाइल नंबर, बायोमेट्रिक सहित आधार से जुड़े सभी आवश्यक अपडेट गांव में ही उपलब्ध हो सकेंगे।
योजना को सफल बनाने के लिए पंचायत सहायकों को आधार ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। अब तक 1,200 से अधिक पंचायत सहायकों को प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अन्य का प्रशिक्षण जारी है। वर्तमान में 179 पंचायत सहायकों की ऑपरेटर आईडी सक्रिय हो चुकी है। 157 आधार मशीनों का एक्टिवेशन भी पूरा कर लिया गया है।
इससे ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है। फिलहाल लखनऊ, अयोध्या, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और बलरामपुर की 110 ग्राम पंचायतों में यह सुविधा संचालित हो रही है। इन क्षेत्रों के ग्रामीण अब बिना लंबी दूरी तय किए अपने गांव में ही आधार संबंधी कार्य आसानी से करा रहे हैं।
पंचायती राज विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यह पहल आधार सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगी। यह भविष्य में ग्राम पंचायतों को डिजिटल नागरिक सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने की मजबूत नींव बनेगी। इससे ग्रामीणों को सरकारी सेवाएं गांव में ही उपलब्ध होंगी। इसके साथ पंचायतों की आय बढ़ेगी और उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता भी मजबूत होगी।






