
लखनऊ, 14 सितंबर 2026:
यूपी में ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान देने और गांवों में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में पर्यटन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। ‘Visit My State’ अभियान को गति देने के साथ प्रदेश में होम-स्टे को पर्यटन का मजबूत आधार बनाने की तैयारी है। इसी क्रम में पर्यटन विभाग के तहत संचालित मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट (एमकेआईटीएम) में 15 से 19 सितंबर तक पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
इसमें प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए करीब 30 होम-स्टे संचालकों को आधुनिक पर्यटन कौशल और बेहतर आतिथ्य सेवाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए नवाचार, कौशल विकास और स्थानीय युवाओं के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस कर रही है।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में शामिल अधिकांश होम-स्टे संचालकों ने औपचारिक शिक्षा के बाद पर्यटन विभाग के सहयोग से स्वरोजगार के रूप में होम-स्टे संचालन को अपनाया है। विभाग के लगातार प्रशिक्षण और मार्गदर्शन से युवा सफल होम-स्टे संचालक बन रहे हैं।
मार्केटिंग से ब्रांडिंग तक, कारोबार बढ़ाने के सीखेंगे तरीके
पांच दिवसीय प्रशिक्षण में संचालकों को केवल कमरे उपलब्ध कराने तक सीमित न रहकर होम-स्टे को एक आकर्षक पर्यटन अनुभव के रूप में विकसित करने के गुर सिखाए जाएंगे। विशेषज्ञ कम लागत में प्रभावी मार्केटिंग, होम-स्टे की ब्रांडिंग, सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्रचार के तरीके बताएंगे। इसके साथ ही अतिथियों के पंजीकरण, शिकायत निवारण, सेवा प्रबंधन, टैरिफ निर्धारण, मूल्य तय करने और लागत नियंत्रण की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।
प्रशिक्षण में हाउसकीपिंग, रखरखाव और इंटीरियर से जुड़ी बारीकियों के साथ बेहतर आतिथ्य सेवा, व्यक्तित्व विकास और ग्रूमिंग पर भी जोर रहेगा। स्थानीय व्यंजनों और जैविक उत्पादों के मानकीकरण, स्वच्छता, सुरक्षा, स्वास्थ्य, टेबल एटीकेट और सेवा प्रोटोकॉल की जानकारी भी दी जाएगी। यानी गांवों में उपलब्ध स्थानीय संस्कृति, खान-पान और प्राकृतिक संसाधनों को पर्यटकों के लिए बेहतर अनुभव में बदलने की कोशिश होगी।
चार दिन कक्षा में, पांचवें दिन मिलेगा प्रैक्टिकल अनुभव
प्रशिक्षण के पहले चार दिन प्रतिभागियों को थ्योरी आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। पांचवें दिन एक होम-स्टे का भ्रमण कराकर उन्हें वास्तविक संचालन का व्यावहारिक अनुभव कराया जाएगा। इससे संचालक प्रशिक्षण में सीखी तकनीकों को जमीन पर लागू करने के तरीके समझ सकेंगे।
पर्यटन विभाग की बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होम-स्टे नीति-2025 के तहत अब तक 1,000 से अधिक सर्टिफिकेट जारी किए जा चुके हैं। खास बात यह है कि जनवरी 2026 के बाद होम-स्टे के लिए आवेदन करने वालों की संख्या में तेजी आई है। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि अधिक से अधिक स्थानीय युवा पर्यटन से जुड़ें और गांवों में आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर आय और रोजगार के नए रास्ते खुलें। ‘आतिथ्य से आत्मनिर्भरता’ के संकल्प के तहत यह पहल उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों को पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में अहम साबित हो सकती है।






