
लखनऊ, 30 जुलाई 2026:
मेट्रो रेल के तेजी से फैल रहे नेटवर्क के बीच प्रशिक्षित विशेषज्ञों की बढ़ती मांग को देखते हुए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) ने एक ऐतिहासिक पहल की है। यूपीएमआरसी के प्रशिक्षण संस्थान सेंटर ऑफ एक्सीलेंस एंड ट्रेनिंग ने भारत के किसी भी मेट्रो रेल संगठन द्वारा पहली बार अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन प्रमाणन पाठ्यक्रम (इंटरनेशनल ऑनलाइन सर्टिफिकेशन कोर्स) शुरू किए हैं। इन पाठ्यक्रमों का शुभारंभ लखनऊ में यूपीएमआरसी प्रबंधन ने किया।
भारत सरकार के स्किल इंडिया मिशन के अनुरूप शुरू की गई इस पहल का मकसद मेट्रो रेल क्षेत्र से जुड़े विशेष प्रशिक्षण को देश और विदेश के शिक्षार्थियों तक ऑनलाइन माध्यम से सुलभ बनाना है। यूपीएमआरसी का मानना है कि इन पाठ्यक्रमों के जरिए तेजी से विकसित हो रहे मेट्रो उद्योग के लिए कुशल और प्रमाणित मानव संसाधन तैयार किए जा सकेंगे।
देश के 26 शहरों में संचालित हो रहीं मेट्रो सेवाएं
भारत में मेट्रो रेल अवसंरचना का तेजी से विस्तार हुआ है। वर्तमान में देश के 26 शहरों में मेट्रो सेवाएं संचालित हो रही हैं। कुल परिचालन नेटवर्क 1,095 किलोमीटर से अधिक हो चुका है। इसी उपलब्धि के साथ भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा परिचालित मेट्रो नेटवर्क बन चुका है। देश के कई शहरों में नई मेट्रो परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। आने वाले वर्षों में कई अन्य परियोजनाओं की शुरुआत भी प्रस्तावित है। खाड़ी देशों सहित दुनिया के अनेक देशों में भी मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है, जहां बड़ी संख्या में भारतीय पेशेवर कार्यरत हैं। ऐसे में प्रशिक्षित और प्रमाणित विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है।
रोलिंग स्टॉक, सिग्नलिंग और ट्रैक में विशेषज्ञता;
यूपीएमआरसी ने शुरुआत में एक दर्जन से अधिक विशेषीकृत ऑनलाइन प्रमाणन पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। इनमें रोलिंग स्टॉक, सिग्नलिंग, ट्रैक अनुरक्षण और ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन (AFC) जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। भविष्य में मेट्रो योजना, निर्माण, संचालन, अनुरक्षण, सुरक्षा तथा अन्य विशेषज्ञ क्षेत्रों से जुड़े नए पाठ्यक्रम भी चरणबद्ध तरीके से जोड़े जाएंगे।
भारतीयों के लिए 200 रुपये में नामांकन की सुविधा
ये पाठ्यक्रम इंजीनियरों, मेट्रो पेशेवरों, सलाहकारों, ठेकेदारों के कर्मचारियों, विद्यार्थियों और मेट्रो क्षेत्र में रुचि रखने वाले सभी शिक्षार्थियों के लिए तैयार किए गए हैं। इनमें भारतीय और विदेशी दोनों प्रतिभागी नामांकन कर सकेंगे। भारतीय नागरिकों के लिए प्रति पाठ्यक्रम शुल्क मात्र 200 रुपये, जबकि विदेशी नागरिकों के लिए 100 अमेरिकी डॉलर निर्धारित किया गया है। इच्छुक अभ्यर्थी यूपीएमआरसी की आधिकारिक वेबसाइट के Online Courses अनुभाग में जाकर पंजीकरण कर सकते हैं।

यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि भारत और दुनिया में मेट्रो क्षेत्र अभूतपूर्व गति से विकसित हो रहा है। ऐसे में विशेष तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक समझ रखने वाले कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इन अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन प्रमाणन पाठ्यक्रमों के माध्यम से यूपीएमआरसी अपनी तकनीकी विशेषज्ञता वैश्विक स्तर पर साझा करते हुए स्किल इंडिया मिशन को नई मजबूती देगा। भविष्य के मेट्रो उद्योग के लिए प्रमाणित पेशेवरों की मजबूत टीम तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।






