लखनऊ, 22 अप्रैल 2026:
यूपी ने देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव में हरित, आधुनिक और तकनीक आधारित परिवहन मॉडल की प्रभावशाली प्रस्तुति देकर देशभर में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव: एक्सेलेरेटिंग टुवर्ड्स द फ्यूचर ऑफ सस्टेनेबल एंड ग्रीन मोबिलिटी’ का शुभारंभ केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने किया।
इस दौरान यूपी स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (एसटीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने प्रदेश के सतत मोबिलिटी, मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और भविष्य उन्मुख अवसंरचना के विजन को विस्तार से पेश किया। उन्होंने कहा कि यूपी हरित परिवहन के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है। आने वाले वर्षों में यह देश के लिए रोल मॉडल बनेगा।
कॉन्क्लेव में ऑटोमोबाइल, रेलवे, मरीन, एविएशन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, जैव ईंधन, लंबी दूरी माल परिवहन, शहरी परिवहन, स्मार्ट मोबिलिटी और ऊर्जा संक्रमण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए। इस मंच पर यूपी के विकास मॉडल, निवेश संभावनाओं और हरित परिवहन दृष्टिकोण को व्यापक सराहना मिली।
मनोज कुमार सिंह ने कहा कि देश का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य होने के साथ यूपी तेजी से आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र बन रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश के संतुलित और तीव्र विकास के लिए परिवहन व्यवस्था को हरित, सुरक्षित, आधुनिक और तकनीक आधारित बनाना अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि यूपी आज एक्सप्रेस-वे विकास में अग्रणी बन चुका है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे जैसे प्रोजेक्ट्स ने न सिर्फ कनेक्टिविटी को मजबूत किया है बल्कि यात्रा समय में कमी, ईंधन बचत और औद्योगिक निवेश में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है।
इसके साथ ही राज्य सरकार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ई-बसों, चार्जिंग नेटवर्क और स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन को तेजी से बढ़ावा दे रही है। एथेनॉल, बायोगैस और कृषि अपशिष्ट आधारित ऊर्जा के क्षेत्र में भी यूपी नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, डिजिटल टोलिंग और रीयल-श टाइम मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाकर प्रदेश परिवहन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हरित परिवहन, कुशल लॉजिस्टिक्स और सतत अवसंरचना ‘विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ और ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।






