Uttarakhand

सेब की बागवानी से बदली किसानों की तकदीर, 80 नाली में खेती कर हर साल कमा रहे 5 लाख रुपये

उत्तराखंड के सीमांत गांव जमरिया के सुरेंद्र और मंगल ने आधुनिक तकनीक व सरकारी योजनाओं को बनाया सफलता का आधार, बागवानी के साथ मत्स्य और बकरी पालन से बढ़ाई आमदनी

योगेंद्र मलिक

पौड़ी, 15 जुलाई 2026:

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में आधुनिक कृषि और बागवानी अब किसानों के लिए आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक आय का मजबूत माध्यम बनती जा रही है। पौड़ी जिले के बीरोंखाल विकासखंड के सीमांत गांव जमरिया के दो प्रगतिशील किसान सुरेंद्र सिंह रावत और मंगल सिंह चौधरी ने आधुनिक सेब बागवानी को अपनाकर सफलता की नई कहानी लिखी है। दोनों किसान प्रतिवर्ष चार से पांच लाख रुपये तक का लाभ अर्जित कर रहे हैं।

वर्ष 2021 में शुरू की सेब बागवानी

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सुरेंद्र सिंह रावत ने वर्ष 2021 में सेब बागवानी की शुरुआत की थी। आज उनके बगीचे में करीब 1500 फलदार सेब के पौधे हैं। लगभग 80 नाली भूमि पर सेब के साथ अन्य फल और मौसमी सब्जियों का उत्पादन कर वे लगातार बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं। उद्यान विभाग की योजनाओं के तहत उन्हें ट्रैक्टर, पॉलीहाउस और अन्य जरूरी सुविधाओं का लाभ मिला। इससे उनकी खेती अधिक वैज्ञानिक, आधुनिक और लाभकारी बनी।
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मछली और बकरी पालन को बनाया अतिरिक्त आय का जरिया

उन्होंने मत्स्य पालन और बकरी पालन को भी अतिरिक्त आय का जरिया बनाया है। साथ ही, स्थानीय स्तर पर कई लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया है। इसी गांव के किसान मंगल सिंह चौधरी ने भी सेब उत्पादन में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उनके बगीचे में करीब 1500 फलदार पौधे हैं। 500 नए पौधे तैयार किए जा चुके हैं। सेब के अलावा अन्य बागवानी और कृषि उत्पादों के उत्पादन से उन्हें भी सालाना चार से पांच लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ हो रहा है।
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मंगल सिंह आधुनिक तकनीकों को अपनाने के साथ कृषि और उद्यान विभाग के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नियमित रूप से भाग लेते हैं। प्रशिक्षण से प्राप्त नई तकनीकों और जानकारी को वे अन्य किसानों तक भी पहुंचाते हैं। उनके उत्पाद प्रदेश की विभिन्न मंडियों तक पहुंच रहे हैं, जिससे आय में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
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जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी ने बताया कि विभाग किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले पौधे, तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से निरंतर सहयोग दे रहा है। उन्होंने कहा कि जमरिया गांव के किसान इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण हैं कि वैज्ञानिक पद्धति और सरकारी योजनाओं का सही लाभ लेकर पर्वतीय क्षेत्रों में भी सेब उत्पादन से अच्छी आय अर्जित की जा सकती है। जमरिया के इन किसानों की सफलता पहाड़ के युवाओं को गांव में रहकर आधुनिक खेती और बागवानी के जरिए आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दे रही है।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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