
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 3 अक्टूबर 2026ः
मतदाता सूची में नाम हटाए जाने और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर इंडिया गठबंधन ने उत्तराखंड में आंदोलन का ऐलान किया है। गठबंधन के सहयोगी दलों ने ‘लोकतंत्र बचाओ-वोट बचाओ’ अभियान के तहत आठ अक्टूबर तक प्रदेशभर में संयुक्त कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है। आठ को ही गांधी पार्क से मार्च निकाला जाएगा। शनिवार को कांग्रेस भवन में मीडिया से बातचीत में गठबंधन के नेताओं ने मतदाता सूची से हटाए गए नामों की समीक्षा करने, पात्र मतदाताओं के नाम पुनः जोड़ने और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।
समाधान होने तक जारी रहेगा आंदोलन
गठबंधन के नेताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली तकनीकी व्यवस्था ईसीआई-नेट (ECI-NET) को लेकर भी सवाल खड़े किए और निर्वाचन आयोग से सार्वजनिक स्पष्टीकरण की मांग की। साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग उठाई। नेताओं ने कहा कि मामले में जवाबदेही तय होने और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने अभियान की रूपरेखा बताते हुए कहा कि आठ अक्टूबर तक इंडिया गठबंधन के सभी घटक दल लोकतंत्र और मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर संयुक्त कार्यक्रम करेंगे। उन्होंने कहा कि अभियान का प्रमुख कार्यक्रम 8 अक्टूबर को देहरादून में गांधी पार्क से प्रस्तावित मार्च होगा।
ECI-NET को लेकर भी उठाए सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता एवं इंडिया गठबंधन संयोजक शीशपाल बिष्ट ने चुनावी प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले ECI-NET सॉफ्टवेयर को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि तकनीकी व्यवस्था को लेकर सामने आ रहे सवालों पर निर्वाचन आयोग को स्पष्ट और सार्वजनिक जवाब देना चाहिए।
घटक दलों ने दिखाई एकजुटता
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राज्य सचिवालय सदस्य लेखराज ने कहा कि गठबंधन के सभी घटक दल इस मुद्दे पर एकजुट हैं। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस की उपाध्यक्ष सुजाता पॉल ने कहा कि मतदाता के अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। सीपीआई के जिला सचिव विक्रम सिंह पुंडीर, सीपीएम के राज्य समिति सदस्य हिमांशु चौहान और समाजवादी पार्टी की फहमीदा बानो व हेमा बोरा ने भी विचार रखे।






