विधानसभा सत्र कल से : सदन से सड़क तक हंगामे की आशंका, पुलिस का कड़ा पहरा
भराड़ीसैंण में होगा शुरू, 1500 पुलिस जवानों की तैनाती के साथ पांच सुपर जोन व 13 सेक्टरों में बांटी गई सुरक्षा व्यवस्था, प्रमुख मार्गों पर लोहे के गेटों से की गई बैरिकेडिंग, 31 विधायकों के 426 सवालों पर सरकार को देना होगा जवाब

राजकिशोर तिवारी
चमोली, 26 अक्टूबर 2026ः
चमोली के भराड़ीसैंण में मंगलवार से उत्तराखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है। सड़क से लेकर सदन तक ह़ोने वाले संग्राम के लिए सरकार और प्रशासन दोनों ने तैयारी पूरी कर ली है। सदन के भीतर 31 विधायकों के 426 सवालों पर सरकार को जवाब देना होगा तो बाहर कांग्रेस, प्रदेश प्रधान संगठन और उत्तराखंड क्रांति दल के प्रदर्शन से निपटने की चुनौती रहेगी। हंगामे की आशंका के बीच विधानसभा परिसर अभेद्य सुरक्षा घेरे में रहेगा। करीब 1500 पुलिस जवानों की तैनाती के साथ पांच सुपर जोन और 13 सेक्टरों में सुरक्षा व्यवस्था बांटी गई है। प्रमुख मार्गों पर कंटीले तारों और लोहे के गेटों से बैरिकेडिंग कर दी गई है।
सत्र के पहले ही दिन कांग्रेस का घेराव
सत्र के पहले दिन विधानसभा घेराव के ऐलान ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। विभिन्न संगठनों के प्रदर्शन को देखते हुए विधानसभा परिसर तक पहुंचने वाले प्रमुख रास्तों पर पुलिस का पहरा बढ़ाया गया है। दुकमुतासैंण, दीवालीखाल स्थित विधानसभा के मुख्य प्रवेश द्वार, जंगलचट्टी, परवाड़ी मार्ग और सारकोट मार्ग सहित संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रदर्शनकारियों की आवाजाही नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बैरिकेडिंग की गई है।
सदन में 426 सवालों पर सरकार की परीक्षा
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण के अनुसार 31 विधायकों ने सत्र के लिए कुल 426 सवाल लगाए हैं। जनसमस्याओं, विकास कार्यों और प्रदेश से जुड़े मुद्दों पर इन सवालों के जरिए सरकार को अपना पक्ष रखना होगा। विपक्ष की ओर से जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी के बीच सदन में तीखी बहस और हंगामे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
प्रवेश पर सख्ती, कार्यवाही की होगी वेबकास्टिंग
सुरक्षा के मद्देनजर विधानसभा परिसर में प्रवेश नियम भी सख्त किए गए हैं। कर्मचारियों को प्रवेश पत्र के बिना परिसर में वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। विधायकों की संस्तुति पर एक और मंत्रियों की संस्तुति पर अधिकतम दो लोगों को प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे। वहीं, सदन की कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग और वेबकास्टिंग की व्यवस्था की जाएगी, ताकि आमजन भी विधानसभा की गतिविधियों से जुड़ सके।






