प्रयागराज न्यूज : वकीलों के चक्काजाम में फंसे डॉक्टर को कार से खींचकर पीटा, SRN ट्रामा सेंटर में काम ठप
अधिवक्ता सर्वेश शुक्ला से मारपीट के विरोध में सड़क पर उतरे थे वकील, डॉक्टर विभु रंजन मिश्रा को अस्पताल में कराया गया भर्ती

प्रयागराज, 26 अक्टूबर 2026:
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अधिवक्ता से मारपीट के विरोध में चल रहे प्रदर्शन में सोमवार को हंगामा खड़ा हो गया। महात्मा गांधी मार्ग पर चक्काजाम कर रहे वकीलों के बीच एसआरएन अस्पताल के मेडिसिन विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. विभु रंजन मिश्रा की कार फंस गई। आरोप है कि प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने उन्हें कार से बाहर खींचकर पीट दिया। घायल डॉक्टर को एसआरएन अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। घटना के विरोध में डॉक्टरों ने ट्रामा सेंटर में कामकाज ठप कर दिया।
अधिवक्ता से मारपीट के विरोध में प्रदर्शन
अधिवक्ता सर्वेश शुक्ला के साथ मारपीट के मामले को लेकर वकीलों ने सोमवार को पहले एसआरएन अस्पताल की पुलिस चौकी के सामने धरना दिया। इसके बाद महात्मा गांधी मार्ग पर पहुंचकर चक्काजाम कर दिया। वकील आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। उत्तर प्रदेश जूनियर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष देवधर तिवारी ने आरोप लगाया कि सर्वेश शुक्ला पर कैंची से हमला किया गया। उनके कंधे व निजी अंगों पर चोट पहुंचाई गई, साथ ही सुई भी घोंपी गई। सर्वेश की पत्नी के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है।

डॉक्टर ने कार से खींचकर पीटने का लगाया आरोप
डॉ. विभु रंजन मिश्रा के मुताबिक, वह एसआरएन अस्पताल में भर्ती मरीजों का हालचाल लेने के बाद अपनी कार से बाहर निकले थे। इसी दौरान उनकी गाड़ी चक्काजाम में फंस गई। आरोप है कि प्रदर्शन कर रहे लोगों ने उनकी कार को घेर लिया, फिर उन्हें बाहर खींचकर पीटा। घायल डॉक्टर को इलाज के लिए एसआरएन अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। घटना से नाराज डॉक्टरों ने ट्रामा सेंटर में काम बंद कर दिया। इससे अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं पर असर पड़ने की स्थिति बन गई।

12 घंटे में गिरफ्तारी के आश्वासन पर खत्म हुआ चक्काजाम
चक्काजाम की सूचना मिलने पर डीसीपी प्रोटोकॉल पंकज मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं से बातचीत की। वकील आरोपियों की गिरफ्तारी के बिना प्रदर्शन खत्म करने को तैयार नहीं थे। अधिवक्ता आयुष शुक्ला ने कहा कि जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, वकील शांत नहीं बैठेंगे। अधिकारियों के साथ तीन दौर की बातचीत के बाद 12 घंटे के भीतर गिरफ्तारी का आश्वासन दिया गया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने चक्काजाम खत्म कर दिया।






