
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 8 सितंबर 2026ः
उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर निर्वाचन विभाग ने प्रक्रिया तेज कर दी है। मंगलवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में एसआईआर की प्रगति, दावे-आपत्तियों और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की। बैठक में बताया गया कि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तारीख बढ़ाकर अब तीन अक्टूबर कर दी गई है। एसआईआर के दौरान विसंगति और अनमैप्ड मतदाताओं को जारी किए गए 24 लाख 30 हजार नोटिसों में से 24 लाख 29 हजार से अधिक मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है। यानी लगभग पूरी प्रक्रिया पर सुनवाई का चरण पूरा कर लिया गया है।
निर्वाचन विभाग के अनुसार फार्म-6, 7 और 8 के माध्यम से प्राप्त दावों एवं आपत्तियों में भी 40 प्रतिशत से अधिक मामलों की सुनवाई पूरी की जा चुकी है। बैठक में राजनीतिक दलों को एसआईआर की अगली महत्वपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। कहा गया कि प्रदेश में डेमोग्राफिक सिमिलर एंट्री (डीएसई) और फोटो सिमिलर एंट्री (पीएसई) मॉड्यूल लागू किया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत मतदाता सूची में एक जैसे या मिलते-जुलते विवरण अथवा फोटो वाले मतदाताओं की पहचान की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी कर जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से एसआईआर को लेकर सुझाव भी लिए और प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया। सीमावर्ती जनपदों में डीएसई/पीएसई मॉड्यूल लागू किए जाने की जानकारी भी दी गई। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास समेत भाजपा से राजकुमार पुरोहित और सतेंद्र जैन, कांग्रेस से मनोज रावत, बसपा से सत्यपाल, सतेंद्र व सतेंद्र चोपड़ा, आम आदमी पार्टी से श्याम बाबू पांडेय और माकपा से अनंत आकाश मौजूद रहे।






