
वाराणसी, 8 सितंबर 2026:
यूपी के वाराणसी के रामनगर थाने में तैनात सिपाही देवगन चौहान ने 24 घंटे लगातार ड्यूटी से परेशान होकर थाने के WhatsApp ग्रुप में इस्तीफा पत्र डाल दिया। इस ग्रुप में पुलिस अधिकारी भी जुड़े थे। पत्र सामने आने के बाद पुलिस महकमे में मामला चर्चा में आ गया। अधिकारियों ने सिपाही से बात कर उसकी काउंसलिंग की, जिसके बाद उसने इस्तीफा वापस ले लिया।
मरीज के साथ लगाई गई ड्यूटी से था परेशान
देवगन चौहान ने अपने पत्र में लिखा कि वह सप्ताह भर लगातार 24 घंटे काम करने की स्थिति में नहीं है। उसने स्वेच्छा से नौकरी से कार्यमुक्त किए जाने की बात कही। पत्र में उसने अपनी क्षमता को लेकर भी सवाल उठाए। कहा कि मुझमें विशिष्ट मानव जैसी शक्तियां नहीं है। बताया जा रहा है कि ट्रॉमा सेंटर में इलाज करा रहे एक मरीज को अस्पताल ले जाने की ड्यूटी लगातार लगाए जाने से सिपाही तनाव में था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घरेलू वजहों से भी वह परेशान चल रहा था। इसी दौरान आवेश में उसने इस्तीफा लिखकर ग्रुप में भेज दिया।
अधिकारियों ने समझाकर मनाया
एसीवी विजय प्रताप सिंह के मुताबिक, सिपाही परसों रात ड्यूटी करने के बाद गया था। उसे सुबह मरीज को अस्पताल ले जाने की जिम्मेदारी दी गई थी। बाद में सिपाही ने फोन कर बताया कि वह स्वेच्छा से नौकरी करना चाहता है। अधिकारियों से बातचीत के बाद उसने अपना इस्तीफा वापस ले लिया।

दीवान पर लगाया ड्यूटी में भेदभाव का आरोप
सिपाही ने थाने के एक दीवान पर ड्यूटी लगाने में अनियमितता का आरोप भी लगाया। उसका कहना था कि दीवान अपने पसंदीदा आरक्षियों को आराम देता है, जबकि दूसरे पुलिसकर्मियों की दिन-रात ड्यूटी लगाने की कोशिश की जाती है। फिलहाल अधिकारियों से बातचीत के बाद सिपाही ने WhatsApp ग्रुप से इस्तीफा पत्र डिलीट कर दिया। हालांकि, ग्रुप के किसी सदस्य ने पत्र सेव कर लिया था। इसके बाद यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।






