
वाराणसी, 3 सितंबर 2026:
यूपी के वाराणसी में बारावफात जुलूस को लेकर हुए विवाद के बाद सदर काजी-ए-शहर बनारस व बादशाहबाग शाही जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना हसीन अहमद को सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। मौलाना ने भेलूपुर थाने में तहरीर देकर पांच लोगों पर गाली-गलौज, बदनाम करने व सिर काटने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
1998 से जुलूस का आयोजन
तहरीर के मुताबिक मौलाना हसीन अहमद वर्ष 1998 से 12 रबीउल अव्वल पर बारावफात जुलूस का आयोजन कराते आ रहे हैं। वर्ष 2025 व 2026 में जिला प्रशासन ने जुलूस में लाउडस्पीकर व बैनर लगी 100 गाड़ियों को ही शामिल करने की अनुमति दी थी। प्रशासन के निर्देश पर 100 गाड़ियों की सूची भी उपलब्ध कराई गई थी।
गाड़ियों को लेकर विवाद
आरोप है कि कुछ लोगों ने प्रशासन की पाबंदी को मौलाना की ओर से लगाई गई रोक बताकर लोगों को भड़काने की कोशिश की। 24 अगस्त को भेलूपुर के डायमंड होटल में हुई बैठक में अधिकारियों ने संबंधित लोगों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा था।

सोशल मीडिया पर पोस्ट का आरोप
इसके बावजूद बिना पास वाली कई गाड़ियों को जुलूस में शामिल कराने का प्रयास किया गया। पुलिस ने जब ऐसी गाड़ियों को रोका तो मौलाना को इसके लिए जिम्मेदार बताते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने लगे। आरोप है कि वाट्सएप, Instagram व Facebook पर मौलाना व उनके परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। कुछ पोस्ट में जान से मारने व चौराहे पर सिर काटने की धमकी देने का भी आरोप है।
पांच लोगों पर नामजद केस
मौलाना ने खलील उर्फ भैय्यन, मुश्फेकीन रजा, हाफिज खैरुल बशर, गुलाम मुरसलीन व ओसामा मलिक समेत अन्य लोगों पर आरोप लगाया है। उन्होंने कथित धमकी भरे पोस्ट से जुड़े सोशल मीडिया आइडी का विवरण पुलिस को दिया है। पोस्ट के स्क्रीनशॉट भी पुलिस को सौंपे गए हैं। तहरीर में घर आकर व रास्ते में रोककर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।






