सीतापुर, 5 मई 2026:
सीतापुर जिला कारागार में एक विचाराधीन बंदी ने आटा चक्की पर फांसी लगाकर जान दे दी। घटना उस वक्त हुई जब बंदी जेल परिसर के अंदर सौंपा गया काम कर रहा था। उसे एक महीने पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। घटना की सूचना परिवार को दे दी गई है।
मृतक की पहचान मुनेन्द्र पुत्र रमेश के रूप में हुई है, जो थाना मिश्रिख इलाके के दनियारपुर गांव का रहने वाला था। उसे बीते माह 8 अप्रैल को दहेज हत्या के आरोप में जेल भेजा गया था और तब से वह यहीं बंद था।
बताया गया कि मुनेन्द्र रोज की तरह अपनी बैरक से निकलकर आटा चक्की पर काम करने गया था। इसी दौरान उसका एक साथी वहां से हट गया। मौके का फायदा उठाकर उसने अपनी लुंगी से फंदा बना लिया और चक्की के पास ही फांसी लगा ली। कुछ देर बाद अन्य बंदियों की नजर उस पर पड़ी तो वह फंदे से लटका मिला। शोर मचने पर जेल स्टाफ मौके पर पहुंचा और उसे नीचे उतारकर तुरंत जिला अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार, मुनेन्द्र की शादी करीब चार साल पहले अंकिता नामक युवती से हुई थी, जो नैमिष थाना क्षेत्र के डेंगरा गांव के चित्रकेश की बेटी थीं। लड़की पक्ष का आरोप था कि शादी के बाद से ही दहेज को लेकर दबाव बनाया जा रहा था। तीन लाख रुपये की मांग को लेकर विवाद बढ़ा और बाद में अंकिता की हत्या का मामला सामने आया था।
इसी मामले में मुनेन्द्र जेल में बंद था। अब उसकी मौत के बाद जेल प्रशासन और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है। जेल अधीक्षक प्रीति यादव ने बताया कि मामले की पड़ताल कराई जा रही है और परिजनों को सूचना दे दी गई है।






