आज से देश में पांच बड़े बदलाव : मोबाइल पर दिखेगा कॉल करने वाले का नाम, दिल्ली में पुराने वाहनों की एंट्री बंद
देश में लागू हुए नए नियमों का मोबाइल उपभोक्ताओं, पेंशनरों, वाहन मालिकों और कारोबारियों पर पड़ेगा असर, टोल पास और जीएसटी व्यवस्था में भी मिली राहत

न्यूज डेस्क, 1 नवंबर 2026:
नवंबर महीने की शुरुआत के साथ ही देश में पांच बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। इनका सीधा असर आम लोगों से लेकर व्यापारियों तक पर पड़ेगा। सबसे अहम बदलाव मोबाइल फोन पर आने वाली कॉल से जुड़ा है। अब अनजान नंबर से फोन आने पर भी स्क्रीन पर सिर्फ नंबर नहीं बल्कि कॉल करने वाले का नाम दिखाई देगा। इसके अलावा डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान, दिल्ली में पुराने वाहनों की एंट्री पर रोक, टोल प्लाजा के रियायती पास और जीएसटी नियमों में बदलाव भी आज से प्रभावी हो गए हैं।
मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए सीएनएपी नियम लागू
मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए आज से कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (सीएनएपी) नियम लागू हो गया है। इसके तहत अनजान नंबर से कॉल आने पर मोबाइल स्क्रीन पर कॉल करने वाले का नाम भी दिखाई देगा। खास बात यह है कि इसके लिए न तो मोबाइल की सेटिंग बदलने की जरूरत होगी और न ही कोई अतिरिक्त एप डाउनलोड करना पड़ेगा।

डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान शुरू
पेंशनरों के लिए भी आज से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान शुरू हो गया है। अब पेंशनर घर बैठे स्मार्टफोन से चेहरे को स्कैन कर अपना जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकेंगे। 80 वर्ष से कम उम्र के पेंशनरों को पेंशन जारी रखने के लिए 30 नवंबर तक यह प्रमाणपत्र जमा करना होगा।
दिल्ली में इन पुराने वाहनों की एंट्री पर रोक
प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली में आज से दूसरे राज्यों में पंजीकृत बीएस-6 मानक से कम वाले वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू किया गया है। इससे नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद समेत एनसीआर के लाखों पुराने वाहन प्रभावित होंगे।

1,500 रुपये में मिलेगा टोल का सालाना पास
टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र निजी वाहन मालिक अब रियायती स्थानीय पास ले सकेंगे। इसके लिए सालाना 1,500 से 3,000 रुपये खर्च कर संबंधित टोल प्लाजा से पूरे साल आवागमन की सुविधा मिलेगी।
जीएसटी में कारोबारियों को राहत
जीएसटी व्यवस्था में भी कारोबारियों के लिए कई सहूलियतें लागू की गई हैं। अब बिक्री के बाद छूट देने, क्रेडिट नोट जारी करने और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) रिफंड की प्रक्रिया में तेजी लाने जैसे प्रावधानों से व्यापारियों को राहत मिलेगी। वहीं, ई-कॉमर्स कारोबारियों के लिए दूसरे राज्यों में पंजीकरण की प्रक्रिया भी आसान होगी।






