लखनऊ/वाराणसी, 15 जून 2026:
यूपी सरकार स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए ऐतिहासिक स्थलों के विकास पर तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में वाराणसी के पिंडरा ब्लॉक के करखियांव गांव को स्वतंत्रता संग्राम सर्किट के तहत एक प्रमुख पर्यटन एवं स्मृति स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए पर्यटन विभाग ने 18.26 करोड़ रुपये की प्रस्तावित लागत में से पहली किस्त के रूप में 8 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।
करीब 18 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाले इस स्मृति एवं पर्यटन परिसर में स्वतंत्रता सेनानियों के अद्वितीय योगदान को संरक्षित और प्रदर्शित किया जाएगा। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि गांव में शहीद हुए 26 वीरों की स्मृति में एक भव्य म्यूरल पार्क बनाया जा रहा है। इस पार्क में उनकी वीरगाथाओं को आकर्षक म्यूरल कला के माध्यम से दर्शाया जाएगा। इसके साथ ही 26 स्मृति स्तंभ भी स्थापित किए जाएंगे। इनमें हर स्तंभ एक शहीद का प्रतिनिधित्व करेगा।
परियोजना के अगले चरण में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान यहां झील आधारित इको-टूरिज्म का भी विकास किया जाएगा। बाबतपुर एयरपोर्ट के नजदीक स्थित होने के कारण यह स्थल देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए आसानी से सुलभ होगा। भविष्य में पूर्वांचल के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकता है।
करखियांव गांव का इतिहास स्वतंत्रता आंदोलन के स्वर्णिम अध्यायों से जुड़ा रहा है। स्थानीय इतिहासकारों के अनुसार जिले में सबसे अधिक स्वतंत्रता सेनानी इसी गांव से थे। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन तक यहां के लोगों ने हर राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। विशेष रूप से भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान यह गांव महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी बना था।
पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य केवल ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण करने के साथ उन्हें आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ना भी है। यहां आने वाले पर्यटकों को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से परिचित कराने के लिए आकर्षक और आधुनिक प्रस्तुतीकरण की व्यवस्था की जाएगी।
सरकार का मानना है कि यह परियोजना राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी सृजित करेगी। करखियांव गांव अब स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा का जीवंत केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है।






