लखनऊ, 16 जून 2026:
यूपी की रामनगरी अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर सियासी घमासान लगातार तेज होता जा रहा है। मामले की जांच के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी क्रम में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने मंगलवार को भाजपा सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोला और पूरे प्रकरण को ‘महापाप-महाघोटाला’ करार दिया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए अपने पोस्ट में अखिलेश यादव ने लिखा कि आगे-आगे देखिए होता है क्या… चढ़ावे से बात चंदे तक पहुंची और चंदे से जमीन तक और जमीन से अति बहुमूल्य अरबों रुपये की श्रीराम शिलाओं के गायब होने तक। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए और भाजपा से जुड़े अनरजिस्टर्ड-अंडरग्राउंड संगी-साथियों की केवाईसी तक कराई जाए।
सपा प्रमुख ने सवाल उठाते हुए कहा कि अयोध्या के इस कथित ‘महापाप-महाघोटाले’ के पीछे कौन-सा सनातन विरोधी गिरोह सक्रिय है, इसकी व्यापक और निष्पक्ष पड़ताल जरूरी है। उन्होंने यह भी मांग की कि राम मंदिर और अयोध्या विकास से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कराई जाए।
इससे पहले किए गए एक अन्य पोस्ट में अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार के हर ‘कॉरिडोर’ और ‘चौड़ीकरण’ परियोजना की बहुसदस्यीय न्यायिक जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी ट्रस्टी, समिति सदस्य, प्रशासनिक अधिकारी या विकास प्राधिकरण के जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उनके अनुसार इतने बड़े घोटाले बिना मिलीभगत के संभव नहीं हैं।
सपा अध्यक्ष ने पिछले वर्षों में परियोजनाओं से जुड़े पदाधिकारियों और अधिकारियों की कथित अवैध संपत्तियों तथा काले धन की जांच आम जनता, ईमानदार पत्रकारों और बहुदलीय जनप्रतिनिधियों की निगरानी में कराने की भी मांग उठाई है। इससे अयोध्या का यह मामला अब धार्मिक आस्था के साथ-साथ बड़े राजनीतिक विवाद का रूप लेता दिख रहा है।






