लखनऊ, 27 जून 2026:
यूपी सरकार ने प्रदेश के युवाओं को वैश्विक रोजगार के लिए तैयार करने की दिशा में बड़ा और महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। सीएम योगी के ‘कौशल विकास से आत्मनिर्भरता’ के विजन को गति देते हुए राज्य सरकार ने टाटा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (टीटीएल) के सहयोग से प्रदेश के 149 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) तथा एक प्रादेशिक स्टाफ प्रशिक्षण एवं शोध केंद्र अलीगंज, लखनऊ में अत्याधुनिक तकनीकी पाठ्यक्रमों के संचालन को मंजूरी दे दी है। इस पहल से प्रदेश के हजारों युवाओं को विश्वस्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण और बेहतर रोजगार के अवसर मिलेंगे।
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश की तकनीकी शिक्षा को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में टाटा टेक्नोलॉजीज द्वारा विकसित आधुनिक ट्रेडों के सफल संचालन के लिए 1,065 पदों पर मैनपावर की आउटसोर्सिंग को स्वीकृति मिल गई है। इनमें 171 वर्कशॉप इंस्ट्रक्टर और 894 इंस्ट्रक्टर्स शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि इन सभी सेवाओं की उपलब्धता ‘आउटसोर्सिंग ऑफ सर्विस’ मॉडल के तहत जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। सेवा प्रदाता एजेंसी का चयन पूरी तरह निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत कार्मिक विभाग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग तथा श्रम विभाग के शासनादेशों के अनुरूप किया जाएगा। इन पदों के लिए आवश्यक शैक्षिक योग्यता और अन्य मानक प्रशिक्षण निदेशालय तय करेगा। उन्हें शासन से अनुमोदित कराया जाएगा। वित्त विभाग की सहमति के बाद इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया गया है।

टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से संचालित होने वाले इन पाठ्यक्रमों में युवाओं को चौथी औद्योगिक क्रांति यानी इंडस्ट्री 4.0 की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके तहत इलेक्ट्रिक व्हीकल मैकेनिक, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स एंड डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग, एडवांस्ड सीएनसी मशीनिंग, मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस कंट्रोल एंड ऑटोमेशन, इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईआईओटी), एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग एवं 3डी प्रिंटिंग, सीएएम प्रोग्रामर, बेसिक डिजाइनर एंड वर्चुअल वेरिफायर-मैकेनिकल तथा आर्टिसन यूजिंग एडवांस्ड टूल जैसे नौ अत्याधुनिक कोर्स संचालित किए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि इन आधुनिक पाठ्यक्रमों के जरिए आईटीआई से निकलने वाले युवा केवल पारंपरिक नौकरियों तक सीमित नहीं रहेंगे अपितु देश और विदेश की अग्रणी कंपनियों की मांग के अनुरूप कुशल तकनीशियन बन सकेंगे। इससे उन्हें बेहतर वेतन पैकेज और वैश्विक स्तर पर रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
योगी सरकार का लक्ष्य प्रदेश को देश का सबसे बड़ा ‘स्किल हब’ बनाना है। टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ शुरू की गई यह पहल तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाई देने के साथ प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाने की दिशा में मील का पत्थर भी साबित होगी।






