लखनऊ, 11 जून 2026:
यूपी के बहुप्रतीक्षित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। नई सूची के अनुसार प्रदेश में कुल 12 करोड़ 58 लाख मतदाता पंचायत चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान मतदाता सूची में व्यापक बदलाव देखने को मिला है। सूची में 2.32 करोड़ नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए तो मृतक, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और फर्जी पाए गए 2.03 करोड़ नाम सूची से हटा दिए गए। इस प्रकार कुल 29.01 लाख मतदाताओं की शुद्ध वृद्धि दर्ज की गई है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह ने अंतिम मतदाता सूची जारी करते हुए बताया कि वर्ष 2021 की पंचायत मतदाता सूची में 12.29 करोड़ मतदाता थे। अब यह संख्या बढ़कर 12.58 करोड़ हो गई है। इससे पहले 23 दिसंबर 2025 को जारी ड्राफ्ट सूची में 12.69 करोड़ मतदाता शामिल थे। इस पर प्राप्त दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम सूची प्रकाशित की गई।
जौनपुर में सबसे ज्यादा 36.97 लाख वोटर
मतदाता संख्या के लिहाज से जौनपुर प्रदेश का सबसे बड़ा जिला बनकर उभरा है, जहां 36.97 लाख मतदाता हैं। इसके बाद आजमगढ़ में 35.76 लाख और प्रयागराज में 34.95 लाख मतदाता दर्ज किए गए हैं। शीर्ष दस जिलों में सीतापुर (31.18 लाख), गोरखपुर (29.63 लाख), लखीमपुर-खीरी (28.87 लाख), हरदोई (28.73 लाख), गाजीपुर (28.11 लाख), बलिया (26.97 लाख) और गोंडा (26.74 लाख) शामिल हैं।
सबसे कम 2.09 लाख मतदाता गाजियाबाद में
वहीं सबसे कम मतदाता वाले जिलों में गौतमबुद्धनगर केवल 2.09 लाख मतदाताओं के साथ सबसे नीचे है। इसके बाद महोबा (5.88 लाख), चित्रकूट (7 लाख), हमीरपुर (7.28 लाख), शामली (7.47 लाख), हापुड़ (7.47 लाख), बागपत (8.11 लाख), ललितपुर (8.57 लाख), श्रावस्ती (8.58 लाख) और औरैया (9.57 लाख) का स्थान है।
आजमगढ़ व गाजीपुर में सूची से हटाए गए सबसे अधिक नाम
पुनरीक्षण अभियान के दौरान आजमगढ़ और गाजीपुर में सबसे अधिक नाम सूची से हटाए गए, जबकि बलिया और लखीमपुर-खीरी में मतदाताओं की संख्या में सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की गई। आयोग के अनुसार हटाए गए अधिकांश नाम मृतक, स्थानांतरित, डुप्लीकेट या सत्यापन में अयोग्य पाए गए मतदाताओं के थे।
लखनऊ में मतदाता बढ़कर हो गए 10.85 लाख
राजधानी लखनऊ में भी मतदाता संख्या बढ़कर 10,85,180 हो गई है। पिछले चुनाव की तुलना में करीब 30 हजार नए मतदाता जुड़े हैं, जबकि लगभग 25 हजार ऐसे नाम हटाए गए हैं जिनका सत्यापन नहीं हो सका।
मतदाताओं को स्टेट वोटर नंबर (SVN) जारी
इस बार पंचायत चुनाव में तकनीक की बड़ी भूमिका देखने को मिलेगी। पहली बार सभी मतदाताओं को स्टेट वोटर नंबर (SVN) जारी किया गया है। साथ ही फर्जी मतदान रोकने के लिए फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) का उपयोग किया जाएगा। मतदान केंद्र पर मतदाता की फोटो लेकर उसका पूरा रिकॉर्ड तत्काल सत्यापित किया जाएगा, जिससे दोबारा मतदान या फर्जी पहचान के जरिए वोट डालने की कोशिश तुरंत पकड़ में आ सकेगी।
जिला पंचायत अध्यक्षों का 11 तथा ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल 19 जुलाई को होगा समाप्त
अंतिम मतदाता सूची जारी होने के साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग की चुनावी तैयारियां लगभग पूरी मानी जा रही हैं। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो चुका है और उन्हें प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल 11 जुलाई तथा ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल 19 जुलाई को समाप्त होगा।
इसी बीच समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग भी जिलों का दौरा कर ओबीसी आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। आयोग को जैसे ही चुनाव कराने के निर्देश मिलेंगे, पंचायत चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
प्रदेश के सबसे अधिक वोटर वाले 10 जिले
जौनपुर- 36.97 लाख
आजमगढ़- 35.76 लाख
प्रयागराज- 34.95 लाख
सीतापुर- 31.18 लाख
गोरखपुर- 29.63 लाख
लखीमपुर खीरी- 28.87 लाख
हरदोई- 28.73 लाख
गाजीपुर- 28.11 लाख
बलिया- 26.97 लाख
गोंडा- 26.74 लाख
सबसे कम मतदाता वाले 10 जनपद
गौतमबुद्धनगर- 2.09 लाख
महोबा- 5.88 लाख
चित्रकूट- 7 लाख
हमीरपुर- 7.28 लाख
शामली- 7.47 लाख
हापुड़- 7.47 लाख
बागपत- 8.11 लाख
ललितपुर- 8.57 लाख
श्रावस्ती- 8.58 लाख
औरैया- 9.57 लाख






