
न्यूज डेस्क, 23 जुलाई 2026:
नीट पेपर लीक का मुद्दा अब पूरी तरह राजनीतिक अखाड़े में बदल चुका है। छात्रों के आंदोलन से शुरू हुआ विरोध अब सड़क से संसद तक पहुंच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने का फैसला किया लेकिन इस कदम के बाद भी सियासी तापमान कम होने के बजाय और बढ़ गया।
संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को संसद भवन के बाहर अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला। एक ओर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत इंडिया गठबंधन के सांसद सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए, तो दूसरी ओर एनडीए के सांसद भी विरोध प्रदर्शन में उतर गए।
दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। एनडीए सांसद 21 जुलाई को प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी के धरने का विरोध कर रहे थे जबकि विपक्ष नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा रहा।

प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी एनडीए सांसदों के काफी करीब पहुंच गईं जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों को बीच में आकर उन्हें रोकना पड़ा। संसद के भीतर भी हंगामा जारी रहा, जिसके चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
उधर, उत्तर प्रदेश के सांसद चंद्रशेखर आजाद छात्रों पर दिल्ली में हुए लाठीचार्ज के विरोध में लगातार तीसरे दिन संसद परिसर के बाहर धरने पर बैठे हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘जो लोग अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज नहीं उठाते, वे कुछ दिनों बाद अपनों की ही लाशें उठाते हैं।’

सपा सांसद राम गोपाल यादव ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसके कार्यकाल में कई पेपर लीक हुए लेकिन अब तक कितनों को सजा मिली? उन्होंने छात्रों पर लाठीचार्ज और सिविल कपड़ों में मौजूद लोगों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। वहीं प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे हर उपलब्धि का श्रेय लेते हैं, अब जिम्मेदारी लेने का समय आ गया है।
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले इंडिया गठबंधन की बैठक में राहुल गांधी, अखिलेश यादव, सुप्रिया सुले, महुआ मांझी सहित कई नेताओं ने सरकार को घेरने की रणनीति बनाई। दूसरी ओर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष की सुविधा के अनुसार, जिस तारीख और जितनी देर चाहे, नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए तैयार है।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने प्रधानमंत्री के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए दोषियों को जल्द सजा दिलाई जाएगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो संकल्प लेते हैं उसे पूरा करके दिखाते हैं।






