Ayodhya

चढ़ावा घपला: जेल में बंद आरोपी के योग केंद्र से मिला रामराज्य कोष का संदूक, SIT को 15 दिन का और मौका

अयोध्या स्थित राममंदिर चढ़ावा घपले में पूछताछ के बाद पुलिस ने अविनाश शुक्ला के अयोध्या स्थित योग केंद्र पर मारा छापा, वीडियो आया सामने, संदूक पर मिला Paytm QR Code, प्रतापगढ़ स्थित घर को भी खंगाला, मंदिर का Security System भी जांच के दायरे में

अनिल निषाद

अयोध्या, 1 जुलाई 2026:

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस बीच आरोपी अविनाश शुक्ला के अयोध्या स्थित योग केंद्र पर हुई पुलिस छापेमारी का वीडियो सामने आया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक संदूक बरामद किया, जिस पर लाल रंग से रामराज्य कोष लिखा मिला। संदूक पर डिजिटल भुगतान के लिए Paytm का QR Code भी लगा था। इसी बीच मामले की जांच कर रही एसआईटी को जांच पूरी करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है।

बता दें कि राममंदिर चढ़ावा घपले में मंदिर ट्रस्ट की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई थी। अविनाश शुक्ला भी नामजद आरोपी के रूप में शामिल है। जांच के दौरान फैजाबाद जेल में बंद सभी आठ आरोपियों से पूछताछ की गई। इनमें अविनाश शुक्ला से सबसे लंबी, करीब दो घंटे तक पूछताछ हुई। पुलिस ने उससे 5 जून को बरामद 20 लाख रुपये नकद, आभूषणों समेत कई अहम बिंदुओं पर सवाल किए।

इसके बाद 28 जून को उसके योग केंद्र पर हुई छापेमारी के वीडियो के सामने आने के बाद जांच ने नई दिशा पकड़ ली है। पुलिस अब बरामद सामान की कड़ी जोड़कर पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू की बारीकी से जांच हो रही है। मंगलवार शाम पुलिस टीम ने प्रतापगढ़ के बाबूपुर नारियावा गांव स्थित अविनाश शुक्ला के पैतृक घर पर भी दबिश दी। वहां उसके माता-पिता कच्चे मकान में रहते मिले, जबकि बगल में मौजूद पक्का मकान अविनाश का बताया गया। उस मकान पर ताला लगा मिला, जिसके बाद पुलिस ने आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई।
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उधर, जांच का दायरा अब राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था तक पहुंच गया है। परिसर में तैनात करीब 400 निजी सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी, रोस्टर, CCTV फुटेज, एंट्री-एग्जिट रिकॉर्ड समेत कई दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा जिस निजी Security Company के पास था, उसका संबंध बिहार के एक पूर्व सांसद से बताया जा रहा है। यह भी जानकारी सामने आई है कि मंदिर ट्रस्ट सुरक्षा व्यवस्था पर हर महीने करीब एक करोड़ रुपये खर्च करता था, यानी सालाना लगभग 12 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाता था। हालांकि, इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल गठित एसआईटी को जांच के लिए और 15 दिन मिलने के बाद अन्य महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद जगी है।

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