
अनिल निषाद
अयोध्या, 10 जुलाई 2026:
राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती करने वाले 23 कर्मचारियों के सामूहिक इस्तीफे के बाद मंदिर की व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में आ गई है। कर्मचारियों का आरोप है कि चढ़ावा चोरी मामले के बाद उनकी कार्य प्रणाली में बड़े बदलाव किए गए। पहले दो शिफ्टों में होने वाला काम अब एक ही शिफ्ट में कराया जा रहा है, जिससे काम का समय बढ़ गया, लेकिन वेतन और दूसरी सुविधाओं में कोई सुधार नहीं हुआ। मांगें नहीं माने जाने पर कर्मचारियों ने एक साथ नौकरी छोड़ दी।
जानकारी के मुताबिक, पहले कर्मचारी दो शिफ्टों में मिलाकर करीब छह घंटे काम करते थे। अब उन्हें सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक लगातार ड्यूटी करनी पड़ रही है। कर्मचारियों का कहना है कि काम के घंटे बढ़ा दिए गए, लेकिन वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। इतना ही नहीं, वेतन समय पर नहीं मिलने की शिकायत भी उन्होंने की है।

इस्तीफा देने वाले कर्मचारियों का आरोप है कि पहले सभी को हर महीने 14,755 रुपये मेहनताना मिलता था, लेकिन अब भुगतान की व्यवस्था भी बदल दी गई है। उनका कहना है कि किसी को अलग राशि मिल रही है तो किसी को अलग। छुट्टियों की संख्या भी पहले के मुकाबले कम कर दी गई है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती गई।
सभी कर्मचारियों ने बैठक कर अपनी आपत्तियां एसबीआई तुलसी उद्यान शाखा के अधिकारियों और कर्मचारियों की व्यवस्था देखने वाली एजेंसी के सुपरवाइजर के सामने रखीं। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों पर कोई सहमति नहीं बनी। इसके बाद 23 कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया।
इन इस्तीफों का असर चढ़ावे की गिनती की व्यवस्था पर भी दिखाई दिया। जानकारी के अनुसार, इस्तीफों के बाद गिनती के काम के लिए सिर्फ 13 कर्मचारी ही पहुंचे। ऐसे में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, एसबीआई और कर्मचारियों की व्यवस्था संभाल रही एजेंसी के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। अब खाली पड़े पदों पर जल्द नए कर्मचारियों की नियुक्ति करनी होगी।
उधर, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच भी लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस ने रिमांड पर लिए गए तीन आरोपियों की निशानदेही पर एक कार, नकदी और आभूषण बरामद किए हैं। मामले की जांच कई पहलुओं पर जारी है और जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही हैं।






