
एंटरटेनमेंट डेस्क, 6 जुलाई 2026:
बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने AI Deepfake और मॉर्फ्ड तस्वीरों के जरिए कथित तौर पर उनकी पहचान के गलत इस्तेमाल का मामला Bombay High Court में उठाया है। अभिनेत्री का कहना है कि सोशल मीडिया और कुछ वेबसाइट्स पर उनके नाम, चेहरे और तस्वीरों का बिना अनुमति इस्तेमाल कर फर्जी कंटेंट फैलाया जा रहा है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने इसे गंभीर मानते हुए संबंधित प्लेटफॉर्म्स को आपत्तिजनक सामग्री हटाने के लिए टेकडाउन प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए।
याचिका में Google, Meta, कुछ डोमेन रजिस्ट्रार समेत दूसरे संबंधित पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया है। प्रीति जिंटा का आरोप है कि Instagram, Facebook और YouTube जैसे प्लेटफॉर्म्स पर AI की मदद से तैयार किए गए Deepfake वीडियो और मॉर्फ्ड तस्वीरें तेजी से शेयर की जा रही हैं, जिससे उनकी छवि प्रभावित हो रही है।
अदालत में अभिनेत्री की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकटेश धोंड ने पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि AI तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से Deepfake कंटेंट की पहचान करना पहले के मुकाबले काफी मुश्किल हो गया है। ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई जरूरी है, क्योंकि इससे किसी व्यक्ति के निजता के अधिकार, व्यक्तित्व अधिकार और नैतिक अधिकार प्रभावित होते हैं।
याचिका में यह भी कहा गया है कि कई वेबसाइट्स बिना किसी अधिकार के प्रीति जिंटा के नाम का इस्तेमाल कर रही हैं। इन प्लेटफॉर्म्स का अभिनेत्री से कोई संबंध नहीं है, फिर भी उनके नाम के जरिए लोगों को गुमराह किया जा रहा है।
सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि यदि AI से तैयार मॉर्फ्ड या अश्लील कंटेंट के URL की पहचान हो जाती है तो संबंधित लिंक हटाने की प्रक्रिया में पूरा सहयोग दिया जाएगा। अदालत ने भी संबंधित पक्षों को शिकायत मिलने पर तय प्रक्रिया के तहत आपत्तिजनक सामग्री हटाने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।






