Uttarakhand

उत्तराखंड के विकास का नया ब्लूप्रिंट : धामी ने नीति आयोग के सामने रखीं पहाड़ की बड़ी चुनौतियां

फ्लोटिंग पॉपुलेशन को नीति निर्माण का आधार बनाने, स्वास्थ्य, जल संरक्षण, महिला सशक्तीकरण, रोजगार और सतत विकास पर दिया जोर, विशेषज्ञों के साथ नियमित मंथन का भी रखा प्रस्ताव

देहरादून, 8 जुलाई 2026:

उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अपने सरकारी आवास पर नीति आयोग के सदस्य प्रो. एम श्रीनिवास के नेतृत्व में आए आयोग के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर राज्य के समग्र और सतत विकास के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय और पर्यटन प्रधान राज्य के लिए पारंपरिक मानकों से अलग, व्यवहारिक और दूरदर्शी नीति निर्माण की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के विकास में नीति आयोग का हमेशा सकारात्मक सहयोग मिला और भविष्य में भी राज्य की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों, जनसांख्यिकीय चुनौतियों और विकास संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आयोग का मार्गदर्शन मिलता रहेगा। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि राज्य की योजनाएं बनाते समय केवल स्थायी आबादी को ही आधार न बनाया जाए बल्कि हर वर्ष आने वाली सात से आठ गुना अधिक फ्लोटिंग पॉपुलेशन को भी नीति निर्माण और संसाधनों के आवंटन का महत्वपूर्ण आधार बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की भारी संख्या के कारण स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, परिवहन और अन्य बुनियादी सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाने के साथ स्वास्थ्य शिक्षा को भी समान प्राथमिकता देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ लोगों में जागरूकता बढ़ाने से ही बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

महिला सशक्तीकरण और बाल विकास को राज्य की प्रगति का मजबूत आधार बताते हुए उन्होंने बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने तथा महिलाओं में एनीमिया की समस्या के समाधान के लिए समन्वित और प्रभावी कार्ययोजना लागू करने पर बल दिया।
धामी ने सुझाव दिया कि कृषि, बागवानी, पर्यटन, जल संसाधन, जैव विविधता, कौशल विकास और अन्य संभावनाओं वाले क्षेत्रों में विषय विशेषज्ञों तथा नीति आयोग के सहयोग से नियमित सेमिनार और विचार-विमर्श आयोजित किए जाएं। उनका कहना था कि इससे उत्तराखंड की जरूरतों के अनुरूप नवाचार आधारित और व्यवहारिक नीतियां तैयार करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए रेन वाटर हार्वेस्टिंग की दीर्घकालिक योजनाओं पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधनों में वृद्धि, रोजगार सृजन और सतत आर्थिक विकास के लिए बेहतर नीति निर्धारण तथा समन्वित प्रयासों की आवश्यकता भी दोहराई।

उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार और नीति आयोग के साझा प्रयासों से उत्तराखंड के संतुलित और सर्वांगीण विकास को नई गति मिलेगी। बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, अपर सचिव नरेन्द्र भण्डारी, डॉ. संदीप तिवारी, एसीईओ सेतु मनोज पंत, नीति आयोग की सलाहकार एवं कार्यक्रम निदेशक डॉ. सोनिया पंत, उप सचिव दीपक कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

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