Uttarakhand

महायोजना 2041: जनसुनवाई में उमड़ी भीड़, देहरादून की तस्वीर बदलने के दिए सुझाव

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) चला रहा जनसंवाद एवं जनसुनवाई अभियान, रायपुर क्षेत्र सहित अन्य इलाकों के लोग पहुंचे, 14 जुलाई को जीआरडी यूनिवर्सिटी, राजपुर रोड पर शिविर का होगा आयोजन

योगेंद्र मलिक

देहरादून, 13 जुलाई 2026ः

राजधानी देहरादून के सुनियोजित और दीर्घकालिक विकास की दिशा तय करने वाली दुहराना महायोजना 2041 को लेकर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा चलाए जा रहे जनसंवाद एवं जनसुनवाई अभियान को लोगों का लगातार समर्थन मिल रहा है। अभियान के छठे दिन सोमवार को किशनपुर स्थित लक्सूरिया फार्म हाउस में आयोजित जनसुनवाई शिविर में रायपुर क्षेत्र सहित सेक्टर 6 के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। करीब 100 लोगों ने महायोजना से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराईं।

जनसुनवाई के दौरान नागरिकों ने सड़क नेटवर्क के विस्तार, यातायात प्रबंधन, जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, हरित क्षेत्रों के संरक्षण, सार्वजनिक सुविधाओं के विकास, पार्किंग व्यवस्था और आवासीय एवं व्यावसायिक गतिविधियों के संतुलित विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। एमडीडीए अधिकारियों ने सभी सुझावों और आपत्तियों को गंभीरता से सुनते हुए उनको अभिलेखों में दर्ज किया और भरोसा दिलाया कि प्रत्येक सुझाव का तकनीकी एवं विधिक परीक्षण कराया जाएगा।

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शिविर में रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने कहा कि तेजी से विस्तार कर रहे देहरादून के लिए ऐसी महायोजना तैयार की जानी चाहिए जो स्थानीय आवश्यकताओं के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों को भी ध्यान में रखे। उन्होंने रायपुर क्षेत्र में यातायात, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, पर्यावरण संरक्षण और संतुलित शहरी विकास से जुड़े मुद्दों को महायोजना में प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून महायोजना 2041 केवल भूमि उपयोग का दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में राजधानी के समग्र विकास का विजन डॉक्यूमेंट है। उन्होंने कहा कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों से मिल रहे सुझाव यह दर्शाते हैं कि नागरिक अपने शहर के भविष्य को लेकर सजग और गंभीर हैं। इन सुझावों के आधार पर ऐसी महायोजना तैयार की जाएगी जो विकास, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं के बीच बेहतर संतुलन स्थापित कर सके।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि जनसुनवाई प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और व्यवस्थित ढंग से संचालित की जा रही है। प्रत्येक सुझाव और आपत्ति का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है और विशेषज्ञों द्वारा उसका परीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि महायोजना का उद्देश्य केवल शहरी विस्तार नहीं, बल्कि देहरादून की प्राकृतिक विरासत और पर्यावरणीय संतुलन को सुरक्षित रखते हुए एक व्यवस्थित एवं सतत विकास मॉडल तैयार करना है।

एमडीडीए के अनुसार 6 जुलाई से शुरू हुआ जनसंवाद एवं जनसुनवाई अभियान 21 जुलाई तक शहर के विभिन्न सेक्टरों में जारी रहेगा। अभियान के अगले चरण में 14 जुलाई को जीआरडी यूनिवर्सिटी, राजपुर रोड में जनसुनवाई शिविर आयोजित किया जाएगा। एमडीडीए ने संबंधित क्षेत्र के नागरिकों, संस्थाओं और भू-स्वामियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराने की अपील की है।

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Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

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