
योगेंद्र मलिक
देहरादून, 15 जुलाई 2026ः
उत्तराखंड में हवाई कनेक्टिविटी को गति देने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में नागरिक उड्डयन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान प्रदेश में हेलिपोर्ट, हेलीपैड और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) नेटवर्क के विस्तार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्य के लिए मजबूत हवाई नेटवर्क जीवन रेखा साबित होगा।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि देहरादून को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों से नियमित हवाई सेवा के माध्यम से जोड़ा जाए। साथ ही पौड़ी को भी नियमित हवाई सेवा से जोड़ने और प्रमुख पर्यटन स्थल लैंसडाउन के लिए हवाई कनेक्टिविटी विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य करने को कहा। बैठक में राज्य में पायलट प्रशिक्षण की व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
आनन्द बर्द्धन ने ऊधमसिंह नगर स्थित पराग फार्म में राज्य की अपनी एविएशन एकेडमी स्थापित करने के निर्देश देते हुए औपचारिकताएं शीघ्र शुरू करने को कहा। उन्होंने बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम जल्द स्थापित करने के लिए सभी प्रक्रियाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए। बताया गया कि एटीसी स्थापना के लिए सिविल कार्य राज्य सरकार कराएगी, जबकि तकनीकी सहायता और मानव संसाधन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की होगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार बढ़ रहीं हवाई सेवाओं को देखते हुए सुरक्षित संचालन के लिए राज्यभर में एयर ट्रैफिक कंट्रोल तंत्र विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने युकाडा (नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण) को प्रदेश में एटीसी नेटवर्क के विस्तार का लक्ष्य देते हुए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में हवाई सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए विभिन्न स्थानों पर ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (एडब्ल्यूएस) और पीटीजेड कैमरे स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने दूरस्थ एवं कम सुविधा वाले क्षेत्रों में हवाई संपर्क बढ़ाने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में हेलिपोर्ट और हेलीपैड विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीमांत क्षेत्र गुंजी और आदि कैलाश में बढ़ती पर्यटन गतिविधियों को देखते हुए एयर स्ट्रिप अथवा हेलीपोर्ट विकसित करने की संभावनाओं पर भी कार्य करने को कहा। पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार कार्य की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि इसके पूरा होने के बाद पूरे कुमाऊं क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी का समग्र खाका तैयार किया जाए। साथ ही भारत सरकार की उड़ान-2 योजना के तहत प्रदेश के सभी जनपदों के लिए नए हवाई मार्गों का प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए।






