
योगेंद्र मलिक
देहरादून, 17 जुलाई 2026:
उत्तराखंड सरकार ने अग्निवीरों के भविष्य को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि राज्य में सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए विशेष Agniveer Cell बनाया जाएगा। इसका मकसद सेना से लौटने वाले युवाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ना, रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उनके पुनर्वास में मदद करना होगा। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा देहरादून के कुआंवाला स्थित यूथ फाउंडेशन ट्रेनिंग एरिया में आयोजित युवा अग्निवीर संवाद कार्यक्रम में की।
Home Stay और स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन विभाग की Home Stay योजना के तहत पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को विशेष अनुदान दिया जाएगा। सीमावर्ती गांवों में रहने वाले स्थानीय लोगों, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए स्वरोजगार से जुड़ी जरूरी सुविधाएं विकसित करने के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार चाहती है कि सेना से लौटने वाले युवा आत्मनिर्भर बनें और अपने गांव में ही रोजगार के नए अवसर तैयार करें।
सरकारी योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ
धामी ने कहा कि सेवामुक्त अग्निवीरों को अलग-अलग सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए Agniveer Cell काम करेगा। यह सेल युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और सरकारी सहायता से जोड़ने का माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि देश की सेवा करने वाला हर युवा सम्मान के साथ अपना भविष्य बना सके।

सरकारी नौकरियों में आरक्षण और उम्र में छूट
मुख्यमंत्री ने बताया कि सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों को पुलिस, वन विभाग, आपदा प्रबंधन समेत राज्य की कई सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है। इसके साथ भर्ती में अधिकतम आयु सीमा में छूट और चयन प्रक्रिया में प्राथमिकता की व्यवस्था भी की गई है। भर्ती की तैयारी के लिए राज्य सरकार पहले से मुफ्त और बेहतर प्रशिक्षण भी उपलब्ध करा रही है।
शहीद परिवारों और पूर्व सैनिकों के लिए कई फैसले
धामी ने कहा कि सरकार लगातार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों के हित में फैसले ले रही है। शहीदों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी गई है। आश्रितों को सरकारी सेवा में समायोजन की व्यवस्था की गई है। सरकारी नौकरी के आवेदन की समय सीमा दो साल से बढ़ाकर पांच साल कर दी गई है। वीरता पुरस्कार पाने वाले सैनिकों के सम्मान में भी बढ़ोतरी की गई है। युद्ध विधवाओं, दिव्यांग सैनिकों और पूर्व सैनिकों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए भी आर्थिक सहायता दी जा रही है।
अग्निवीर बनना सिर्फ नौकरी नहीं, राष्ट्रसेवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवीर बनना केवल रोजगार हासिल करना नहीं, बल्कि देश की सेवा का बड़ा अवसर है। सेना में बिताए गए चार साल युवाओं के पूरे जीवन की सबसे बड़ी ताकत बनते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि सेना में सेवा देने वाले हर युवा को आगे बढ़ने का पूरा मौका मिले।

भर्ती घोटालों से लेकर रोजगार तक सरकार का दावा
धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती घोटालों पर सख्ती दिखाते हुए नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिसमें उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। 100 से ज्यादा नकल माफियाओं को जेल भेजा गया। उन्होंने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में पूरी पारदर्शिता के साथ 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।
विकास और पर्यटन का भी किया जिक्र
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां यूसीसी लागू की गई है। शिक्षा, कृषि, पर्यटन, रोजगार और निवेश के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। किसानों के लिए कीवी, एप्पल और तिमरु मिशन जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बीते चार वर्षों में चारधाम यात्रा, आदि कैलाश यात्रा और शीतकालीन पर्यटन समेत विभिन्न धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों के चलते 24 करोड़ से ज्यादा पर्यटक उत्तराखंड पहुंचे हैं।
कार्यक्रम में विधायक बृजभूषण गैरोला, यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल (सेवानिवृत्त) अजय कौठियाल, मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) गुलाब सिंह रावत, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल समेत बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, अग्निवीर और युवा मौजूद रहे।






