योगेंद्र मलिक
देहरादून, 23 जुलाई 2026:
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के कथित व्यवहार को लेकर गुरुवार को देहरादून में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने नजर आए। भाजपा ने राहुल गांधी के खिलाफ विरोध मार्च निकाला, जबकि कांग्रेस ने भी अपने प्रदेश मुख्यालय पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को जुटाकर शक्ति प्रदर्शन किया। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में रहा। बैरिकेडिंग की वजह से दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने नहीं आ सके और हालात पूरी तरह नियंत्रण में रहे।
भाजपा का मार्च, बैरिकेडिंग पर धरना
भाजपा कार्यकर्ताओं ने महानगर कार्यालय से प्रदेश कांग्रेस कार्यालय की ओर मार्च शुरू किया। मार्च में प्रदेश अध्यक्ष समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर रास्ते में बैरिकेडिंग लगाकर जुलूस को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर धरने पर बैठ गए और राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया।
संसदीय मर्यादा का मुद्दा उठाया
भाजपा नेताओं ने कहा कि लोकसभा जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक सदन में जनप्रतिनिधियों का आचरण गरिमापूर्ण होना चाहिए। उनका आरोप था कि राहुल गांधी का व्यवहार संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं था। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी ने विरोध प्रदर्शन किया।

कांग्रेस ने भी दिखाई संगठन की ताकत
भाजपा के मार्च के जवाब में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के आह्वान पर कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश मुख्यालय पहुंचे। पार्टी नेताओं ने कार्यालय परिसर में जुटकर भाजपा के विरोध का जवाब दिया और संगठन की एकजुटता का संदेश दिया। कांग्रेस कार्यालय के बाहर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी।
पूरे इलाके में पुलिस का कड़ा पहरा
दोनों दलों के कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस ने पूरे इलाके में अतिरिक्त फोर्स तैनात की थी। बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरे की वजह से किसी भी पक्ष को एक-दूसरे के करीब नहीं आने दिया गया। यातायात व्यवस्था भी पुलिस की निगरानी में संचालित होती रही, जिससे शहर में किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा नहीं हुई।
कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
भाजपा के प्रदर्शन में प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, प्रदेश मंत्री आदित्य चौहान, शादाब शम्श, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र ढिल्लो समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्वक अपना आंदोलन समाप्त कर दिया।






