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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मायावती की दो टूक, छात्रों पर लाठियां चलाने वाले पुलिसकर्मियों पर हो कार्रवाई

बसपा प्रमुख ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने की मांग की, आंदोलन के राजनीतिकरण से भी किया आगाह, कहा- असली मुद्दा शिक्षा व्यवस्था में सुधार

लखनऊ, 25 जुलाई 2026:

नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं के लंबे आंदोलन के दबाव में लिया गया यह फैसला उचित है लेकिन अगर यह पहले हो जाता तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं बनती। मायावती ने केंद्र सरकार से मांग की कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर शनिवार को जारी पोस्ट में मायावती ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में निहत्थे छात्र-छात्राओं पर लाठी-डंडों से हमला किया गया। इससे कई गंभीर रूप से घायल हुए। उन्होंने विशेष रूप से उन पुरुष पुलिसकर्मियों की पहचान कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग की जिन पर प्रदर्शनकारी छात्राओं के साथ अभद्रता और बदसलूकी के आरोप लगे हैं।

बसपा सुप्रीमो ने यह भी कहा कि आंदोलन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर और शिकायतें तत्काल वापस ली जानी चाहिए जिससे उनका भविष्य प्रभावित न हो और उन्हें अदालतों व थानों के चक्कर न लगाने पड़ें। उनका कहना था कि ऐसा करने से देश में सौहार्दपूर्ण माहौल बनाने में भी मदद मिलेगी।
मायावती ने आंदोलनकारी छात्रों से भी अपील की कि वे अपने संघर्ष का किसी भी राजनीतिक दल को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल न करने दें। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार होना चाहिए, न कि राजनीतिक दलों के लिए मुद्दा बनना।

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इससे पहले किए गए एक अन्य पोस्ट में मायावती ने कहा था कि नीट-यूजी सहित विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक और उससे उपजे छात्र आंदोलनों को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच राजनीतिक संघर्ष इतना बढ़ गया है कि शिक्षा सुधार का मूल मुद्दा पीछे छूटता दिखाई दे रहा है।

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उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई के बाद माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया है। संसद का मानसून सत्र भी अब तक सुचारू रूप से नहीं चल सका है। इससे जनहित के कई अहम मुद्दों पर चर्चा प्रभावित हुई है। मायावती ने आरोप लगाया कि सरकार पेपर लीक के बाद कार्रवाई तो करती है लेकिन ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने में विफल रही है। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से वर्तमान राजनीतिक माहौल में संयम बनाए रखने और पार्टी के मिशन के प्रति पूरी निष्ठा के साथ कार्य करते रहने की अपील भी की।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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