
वाराणसी/प्रयागराज, 29 जुलाई 2026:
गुरु पूर्णिमा पर काशी में बुधवार भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। करीब 2 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने से गंगा घाटों से लेकर मठ, मंदिर और आश्रम तक धार्मिक माहौल नजर आया। देश के अलग-अलग राज्यों के साथ विदेशों से भी लोग काशी पहुंचे। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद अपने गुरु, संत और आध्यात्मिक आचार्यों का पूजन कर आशीर्वाद लिया।
दशाश्वमेध से पंचगंगा तक गंगा स्नान
ब्रह्ममुहूर्त से ही दशाश्वमेध, अस्सी, राजेंद्र प्रसाद, पंचगंगा समेत प्रमुख घाटों पर स्नान के लिए श्रद्धालु पहुंचने लगे। गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के बाद लोगों ने मां गंगा का पूजन किया। कई श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और आध्यात्मिक उन्नति की कामना की।
मठ-मंदिरों में गुरु पूजन और सत्संग
गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु अपने-अपने गुरुजनों के आश्रम और मठों में पहुंचे। यहां चरण पादुका पूजन, गुरु वंदना, वेद मंत्रों का पाठ, हवन, प्रवचन और सत्संग का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने गुरुओं को पुष्प, फल, वस्त्र और दक्षिणा अर्पित कर उनका आशीर्वाद लिया। कई आश्रमों में भंडारे भी लगाए गए, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

देश के अलग-अलग हिस्सों से आए श्रद्धालु
गुरु पूर्णिमा पर काशी की गलियों, घाटों और मंदिरों में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों की मौजूदगी खास रही। अलग-अलग राज्यों की वेशभूषा, भाषाएं और संस्कृति के रंग एक साथ नजर आए। उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक के श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने काशी को लघु भारत जैसा रूप दे दिया। विदेशी श्रद्धालु भी गुरु-शिष्य परंपरा से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल हुए।
प्रयागराज में संगम स्नान को उमड़ी भीड़
प्रयागराज में भी गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने संगम तट पर आस्था की डुबकी लगाई। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। इसके बाद मठों, मंदिरों और आश्रमों में गुरु पूजन और गुरु वंदना के कार्यक्रम हुए।

किन्नर अखाड़े की गुरु वंदना यात्रा
गुरु पूर्णिमा पर सनातनी किन्नर अखाड़े की ओर से आचार्य महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरी के सम्मान में गुरु वंदना यात्रा निकाली गई। यात्रा में किन्नर समुदाय के लोगों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। कौशल्या नंद गिरी को सजे हुए रथ पर विराजमान किया गया, जिसके आगे अखाड़े से जुड़े सदस्य नाचते-गाते गुरु महिमा का गुणगान करते हुए आगे बढ़े। गुरु वंदना यात्रा के दौरान रास्ते भर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। किन्नर समुदाय के सदस्यों ने गुरु वंदना के साथ अपनी परंपरागत शैली में उत्सव मनाया। यात्रा के दौरान श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।






