Prayagraj

Cyber थाना प्रभारी ने महिला सिपाही से वसूले 4.20 लाख, फ्रॉड में फ्रीज 30 लाख रिलीज के नाम पर ली रिश्वत

महिला सिपाही ने सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराई FIR, तत्कालीन साइबर थाना प्रभारी ओम नारायण गौतम व सिपाही अभिषेक नामजद, बैंक खातों से ATM के जरिए निकाली गई रकम के एविडेंस दिए, रकम रिलीज करने संबंधी कोर्ट का आदेश भी नहीं माना, विभागीय जांच में भी हो रही मनमानी

प्रयागराज, 8 सितंबर 2026:

यूपी के प्रयागराज में करीब 60 लाख रुपये के Cyber Fraud की जांच में रिश्वत मांगने के आरोपों को लेकर FIR दर्ज हुई है। महिला सिपाही नीशू सिंह ने सिविल लाइंस थाने में साइबर थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण गौतम व सिपाही अभिषेक कुमार को नामजद किया है। आरोप है कि साइबर फ्रॉड में फ्रीज रकम रिलीज कराने के नाम पर दोनों ने उससे 4.20 लाख रुपये वसूले।

कोर्ट के आदेश के बाद भी रकम रिलीज न होने का आरोप

महिला सिपाही नीशू के भाई मानवेन्द्र सिंह के साथ अलग-अलग वेबसाइट व Telegram के जरिए करीब 60 लाख रुपये का निवेश फ्रॉड हुआ था। इस मामले में साइबर थाना कमिश्नरेट प्रयागराज में मुकदमा दर्ज हुआ था। मुकदमा दर्ज होने से पहले National Cyber Crime Reporting Portal पर की गई शिकायतों के आधार पर करीब 33 लाख रुपये होल्ड या फ्रीज कराए गए थे। ACJM-5 इलाहाबाद की अदालत ने फ्रीज रकम रिलीज करने के आदेश दिए थे। आरोप है कि इन आदेशों के बावजूद रकम रिलीज कराने में देरी की गई।

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20 फीसदी सुविधा शुल्क मांगने का आरोप

महिला सिपाही ने आरोप लगाया है कि रकम रिलीज कराने के लिए तत्कालीन विवेचक ओम नारायण गौतम ने कुल रकम का 20 प्रतिशत नकद देने की बात कही थी। शिकायत के मुताबिक, बैंक से ई-मेल करने, बैंक अधिकारियों से संपर्क करने व दूसरे राज्यों में साइबर अपराधियों तक पहुंचने के खर्च का हवाला देकर रकम मांगी गई। महिला सिपाही ने उन्हें अलग-अलग तारीखों पर कुल 4.20 लाख रुपये दे दिए। लेनदेन में सिपाही अभिषेक भी शामिल रहा

ATM से रकम निकालकर देने का दावा

शिकायत में कहा गया है कि इन रकमों का भुगतान महिला सिपाही ने अपने बैंक खातों से ATM के जरिए कैश निकालकर किया था। उसने बैंक रिकॉर्ड को भी मामले में साक्ष्य के तौर पर लगाए जाने की बात कही है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि तत्कालीन विवेचक ने अपने सहयोगी सिपाही अभिषेक के साथ मिलकर रकम ली।
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बेटी की NEET तैयारी के लिए कोर्स लेने का आरोप

महिला सिपाही ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि उसके भाई से विवेचक ने अपनी बेटी की NEET तैयारी के लिए Unacademy का पेड ऑनलाइन कोर्स व शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई। शिकायत के मुताबिक, ये सामग्री चंडीगढ़ से उपलब्ध कराई गई थी। महिला सिपाही का भाई संबंधित शिक्षण संस्थान में Education Counselor व संस्थान मैनेजर के पद पर काम करता है।

जांच में पक्षपात का भी आरोप

शिकायत में विवेचक पर जांच में पक्षपात करने का भी आरोप लगाया गया है। महिला सिपाही के मुताबिक, शिकायत के बाद मामले की विवेचना अपराध शाखा के निरीक्षक गंगा प्रसाद को सौंपे जाने की बात सामने आई, लेकिन आरोप है कि पूर्व विवेचक ने काफी समय तक केस की पत्रावली नए विवेचक को नहीं भेजी। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके खिलाफ केस डायरी में बाद की तारीख में पुराने घटनाक्रम के तौर पर पर्चे दर्ज किए गए। उसने इन रिकॉर्ड की जांच तकनीकी सेवाएं मुख्यालय या संबंधित कंप्यूटर रिकॉर्ड के जरिए कराने की मांग की है।

पहले से चल रही प्रारंभिक जांच

महिला सिपाही के मुताबिक, उसने पुलिस उपायुक्त अपराध को शिकायत दी थी। इसके बाद तत्कालीन विवेचक व सिपाही अभिषेक कुमार के खिलाफ प्रारंभिक जांच अपर पुलिस उपायुक्त अपराध को सौंपी गई। शिकायत में कहा गया है कि यह जांच दो महीने से ज्यादा समय से चल रही है। महिला सिपाही ने आरोप लगाया है कि प्रारंभिक जांच के दौरान तत्कालीन विवेचक ने अब तक अपना बयान दर्ज नहीं कराया।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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