
लखनऊ, 31 जुलाई 2026:
यूपी में नकली और अधोमानक दवाओं के खिलाफ चल रहे अभियान में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी बिलिंग, क्रॉस-बिलिंग और फेक बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए नकली दवाओं का कारोबार करने वाले संगठित सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में लखनऊ की अमीनाबाद कोतवाली में छह एफआईआर दर्ज कराई गई हैं।
बिना दवा आपूर्ति के कागजों पर करोड़ों की खरीद-बिक्री
एफएसडीए कमिश्नर डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि जांच में मिश्रा एसोसिएट्स (अमीनाबाद), मिश्रा मेडिकल एजेंसी (बछरावां, रायबरेली), श्री अशोक फार्मास्युटिकल्स, भारत फार्मा और एमडीएच फार्मा के बीच बिना वास्तविक दवा आपूर्ति के केवल कागजों पर करोड़ों रुपये की खरीद-बिक्री और क्रॉस-बिलिंग दिखाई जा रही थी। फर्जी बिलों और बैंक लेनदेन के जरिए नकली एवं काउंटरफिट दवाओं को वैध साबित करने की कोशिश की जा रही थी। इस आधार पर मनीष मिश्रा, आमोद कुमार मिश्रा, सन्नी कश्यप, देवेन्द्र शुक्ला और राहुल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
भारत फार्मा और एमडीएच फार्मा के नाम पर बड़ा खुलासा
जांच के दौरान भारत फार्मा और एमडीएच फार्मा के नाम पर बड़ा खुलासा हुआ। जिन फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये की दवा खरीद-बिक्री दिखाई गई वहां भौतिक सत्यापन में न तो दवाओं का कोई स्टॉक मिला और न ही खरीद से जुड़े वैध दस्तावेज। संबंधित प्रोपराइटरों अमरीन अहसन और मंतशा ने लिखित बयान देकर बताया कि उनकी जानकारी के बिना उनकी फर्मों का संचालन देवेन्द्र शुक्ला कर रहा था। इससे स्पष्ट हुआ कि फर्जी बिलों के जरिए नकली दवाओं की सप्लाई का पूरा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।

एफएसडीए की जांच में एक और अहम सुराग तब मिला जब प्रसिद्ध एंटीबायोटिक Augmentin Duo 625 की खरीद वास्तविक लैंडिंग कॉस्ट लगभग 116.70 रुपये के बजाय सिर्फ 56.60 रुपये दिखाई गई। संबंधित वितरक ने ऐसी किसी भी बिक्री से लिखित रूप से इनकार कर दिया। इससे नकली दवाओं के कारोबार की आशंका और मजबूत हो गई।
अब पूरे सिंडिकेट पर कसा एफएसडीए का शिकंजा
जुलाई माह में एफएसडीए की यह लगातार छठी एफआईआर है। 6 जुलाई को आलमबाग में पहली कार्रवाई के बाद 19 जुलाई को अमीनाबाद के अवैध गोदाम से करीब 21 लाख रुपये की नकली दवाएं बरामद हुई थीं। इसके बाद बिना लाइसेंस दवा भंडारण, परिवहन और फर्जी बिलिंग के मामलों में लगातार कार्रवाई करते हुए विभाग ने अब पूरे सिंडिकेट को कानून के घेरे में ला दिया है।
नौ संदिग्ध फर्मों के संचालन पर रोक
एफएसडीए ने जांच पूरी होने तक एसकेजी मेडिकल्स, गायत्री फार्मा एंड सर्जिकल, हेल्थ प्लस, एमके फार्मा, मां अम्बे फार्मा, आरएन फार्मा, सनलाइट फार्मा, सोनल फार्मा और सुपरविजन फार्मा सहित नौ संदिग्ध फर्मों के संचालन पर रोक लगा दी है। कई प्रतिष्ठानों को सील कर उनके वित्तीय रिकॉर्ड और लेजर की गहन जांच की जा रही है।
नकली दवा नेटवर्क की कड़ियां राजस्थान तक
जांच का दायरा अब प्रदेश से बाहर भी फैल चुका है। विभाग के अनुसार अमीनाबाद से जुड़े नकली दवा नेटवर्क की कड़ियां राजस्थान तक पहुंचती हैं। उत्तराखंड के देहरादून में अवैध दवा निर्माण इकाई पर छापेमारी कर चार आरोपियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। डॉ. रोशन जैकब ने कहा कि सभी जिलों के औषधि निरीक्षकों को संदिग्ध थोक कारोबारियों, एजेंटों और सप्लाई चेन पर कड़ी निगरानी रखने, दोषियों के लाइसेंस निरस्त करने और कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।






