
लखनऊ, 31 जुलाई 2026:
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने 2027 के UP Assembly Elections की तैयारी तेज कर दी है। पार्टी अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की 45 विधानसभा सीटों पर प्रभारियों के नाम घोषित किए। पार्टी की रणनीति में इन चेहरों की अहम भूमिका मानी जा रही है। विधानसभा प्रभारी बनाए गए नेताओं में से कई को आगे टिकट भी मिल सकता है।
सोशल इंजीनियरिंग पर फोकस
प्रभारियों की लिस्ट से पार्टी की सोशल इंजीनियरिंग की रणनीति साफ नजर आ रही है। 45 में 44 नाम दलित, OBC या मुस्लिम समाज से हैं। लखीमपुर खीरी की पलिया सीट पर सिख समुदाय से जुड़े नेता को जिम्मेदारी दी गई है। पलिया क्षेत्र में सिख आबादी अच्छी संख्या में है। पार्टी ने 16 सीटों पर OBC नेताओं को प्रभारी बनाया है। 17 सीटों की जिम्मेदारी अनुसूचित जाति के नेताओं को दी गई है, जबकि 11 सीटों पर मुस्लिम समाज के नेताओं को मौका मिला है। लिस्ट में ब्राह्मण, ठाकुर या किसी दूसरी सवर्ण जाति से कोई नाम नहीं है।
PDA फॉर्मूले पर बढ़ाया दांव
आसपा की लिस्ट में 45 में से 44 चेहरे पिछड़ा, दलित, मुस्लिम यानी PDA सोशल कॉम्बिनेशन से जुड़े हैं। यह रणनीति समाजवादी पार्टी के PDA फॉर्मूले से भी मिलती-जुलती है। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव में चंद्रशेखर आजाद की पार्टी को बसपा के साथ सपा के लिए भी चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है।
चंद्रशेखर आजाद पहले ही संकेत दे चुके हैं कि भाजपा को छोड़कर वह दूसरे दलों के साथ गठबंधन के विकल्प खुले रखेंगे। सीटों पर प्रभारियों की घोषणा को गठबंधन की बातचीत से पहले अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।
पश्चिमी यूपी से पूर्वांचल तक तैयारी
आसपा ने प्रभारियों की लिस्ट में पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वांचल तक कई सीटों को शामिल किया है। शामली की थाना भवन, मुजफ्फरनगर की चरथावल, मेरठ, अलीगढ़, आगरा, बरेली, लखनऊ कैंट जैसी सीटों पर संगठन की जिम्मेदारी तय की गई है। पूर्वांचल में गोरखपुर, कुशीनगर, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर समेत वाराणसी की रोहनिया सीट पर भी प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। इससे संकेत मिलता है कि पार्टी चुनावी तैयारी को किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रखना चाहती।
आरक्षित सीटों पर खास जोर
प्रभारियों की लिस्ट में आरक्षित विधानसभा सीटों की संख्या भी काफी है। हापुड़, हाथरस, आगरा कैंट, टुंडला, श्रीनगर, हरगांव, मिश्रिख, गोपामऊ, भरथना, बांसगांव, सलेमपुर, मछलीशहर व जखनियां जैसी सीटों पर पार्टी ने प्रभारी बनाए हैं। इन सीटों पर संगठन को मजबूत करने के साथ दलित वोट बैंक में अपनी पकड़ बढ़ाना आसपा की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
पूर्व IPS को भी मिली जिम्मेदारी
हाथरस की सुरक्षित सीट पर पूर्व IPS अधिकारी आदित्य प्रकाश वर्मा को प्रभारी बनाया गया है। पार्टी उनके प्रशासनिक अनुभव को चुनावी संगठन में इस्तेमाल करने की तैयारी में है। वहीं अलीगढ़ की छर्रा सीट पर पूर्व मंत्री चौधरी महेंद्र सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। ASP की ओर से एक साथ 45 सीटों पर प्रभारी घोषित किए जाने से साफ है कि पार्टी 2027 के UP Election को लेकर संगठन स्तर पर अपनी तैयारी को धार दे रही है।
यहां देखें पूरी लिस्ट-








