
लखनऊ, 2 अगस्त 2026:
यूपी विधानमंडल के मानसून सत्र से ठीक एक दिन पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने शिक्षा, बेरोजगारी, सरकारी स्कूलों की बंदी, शिक्षकों के रिक्त पद, पेपर लीक, आरक्षण, कानून-व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों को उठाते हुए कहा कि सोमवार से शुरू हो रहे सत्र में सपा के सभी विधायक इन सवालों को प्रमुखता से सदन में उठाएंगे।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने पिछले लगभग दस वर्षों में प्रदेश के 26,386 सरकारी स्कूल मर्जर के नाम पर बंद कर दिए हैं। उनके मुताबिक इससे करीब 28.32 लाख विद्यार्थियों का नामांकन घटा है। इनमें लगभग 25 लाख एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के बच्चे तथा करीब 16 लाख छात्राएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पहले सरकारी स्कूलों में 1.17 करोड़ बच्चे पढ़ते थे। अब यह संख्या घटकर लगभग 89 लाख रह गई है।
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार निजी स्कूलों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कक्षा एक से आठ तक के 1.40 लाख स्वीकृत शिक्षकों के पद कम कर दिए गए हैं। प्राइमरी स्तर पर 62,465 शिक्षकों की संख्या घटी है। उनका कहना था कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में एक भी नई शिक्षक भर्ती नहीं हुई जबकि 81,821 पद रिक्त पड़े हैं।
उन्होंने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश के सात हजार स्कूलों में बिजली नहीं है, 23 हजार स्कूलों में छात्राओं के लिए सक्रिय शौचालय नहीं हैं। 576 स्कूलों में पेयजल की सुविधा नहीं है। करीब 23 हजार स्कूलों में कंप्यूटर उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने 20 से अधिक भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने दिए और पिछड़े तथा दलित वर्ग के 12 हजार से अधिक आरक्षित पदों में भी अनियमितताएं हुईं।
अखिलेश ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में 1,13,938 प्राइमरी स्कूल थे, जो 2026 में घटकर 87,552 रह गए हैं। उनके अनुसार लखीमपुर खीरी में 758, सीतापुर में 650, प्रयागराज में 638 और गोरखपुर में 487 प्राइमरी स्कूल बंद हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पीडीए समाज को शिक्षित नहीं होने देना चाहती है। इसी सोच के तहत सरकारी स्कूलों को बंद किया जा रहा है। उनका दावा था कि हाल के वर्षों में 3,440 निजी प्राइमरी स्कूल खोले गए हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने शिक्षा के अलावा एक्सप्रेसवे निर्माण को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कानपुर-लखनऊ और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के निर्माण में भ्रष्टाचार हुआ है और सड़कें शुरू होते ही टूटने लगीं। ई-20 ईंधन, जेपीएनआईसी, जौहर यूनिवर्सिटी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी उन्होंने सरकार की आलोचना की। इसके साथ ही कहा कि गांजे की तस्करी बढ़ी है। भाजपा पर राजनीतिक हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में हर मोर्चे पर सरकार विफल रही है।






