
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 3 अगस्त 2026ः
उत्तराखंड सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जिला सहकारी बैंकों की 34 नई शाखाएं खोलने का निर्णय लिया है। सहकारिता विभाग ने विभिन्न जनपदों से प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा के बाद 34 शाखाओं को मंजूरी दे दी है। अब इन प्रस्तावों को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को भेज दिया गया है। अनुमति मिलते ही नई शाखाओं का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश सरकार सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में जिला सहकारी बैंकों के नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है, ताकि दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं अपने आसपास उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने बताया कि विभाग को कुल 41 प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनमें से 34 को स्वीकृति दी गई है, जबकि सात प्रस्ताव आवश्यक औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण लंबित रखे गए हैं। हरिद्वार जनपद के पांच प्रस्तावों में संशोधन कर उन्हें दोबारा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। नई शाखाएं अल्मोड़ा, देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, पिथौरागढ़, टिहरी, ऊधमसिंह नगर, उत्तरकाशी और चमोली सहित विभिन्न जनपदों में खोली जाएंगी।
इन शाखाओं के शुरू होने से किसानों, स्वयं सहायता समूहों, महिलाओं, छोटे व्यापारियों और ग्रामीण उपभोक्ताओं को बैंकिंग सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। डॉ. रावत ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में जिला सहकारी बैंकों की 315 शाखाएं संचालित हैं। 34 नई शाखाएं जुड़ने के बाद सहकारी बैंकिंग नेटवर्क और अधिक मजबूत होगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक आसानी से पहुंचेगा और सहकारिता आंदोलन को नई मजबूती मिलेगी।






