
योगेंद्र मलिक/राजकिशोर तिवारी
चमोली, 14 अगस्त 2026:
मायापुर (पीपलकोटी) में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में गुरुवार शाम को हुए हादसे के बाद शुक्रवार को भी राहत-बचाव अभियान लगातार जारी रहा। टनल में फंसे लोगों को निकालने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस समेत कई एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं। अब तक 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि 3 लोग अब भी लापता हैं। हादसे में 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
डेढ़ किलोमीटर अंदर हुआ हादसा
टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की करीब तीन किलोमीटर लंबी टीआरटी टनल में लगभग डेढ़ किलोमीटर अंदर अचानक भूधंसाव के बाद मलबा और पानी भर गया। इसी दौरान टनल में काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चलता रहा।

कंट्रोल रूम से घटनास्थल तक सक्रिय रहे सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हादसे के बाद लगातार हालात पर नजर बनाए रहे। गुरुवार रात उन्होंने कंट्रोल रूम पहुंचकर राहत-बचाव अभियान की जानकारी ली। शुक्रवार सुबह वह सीधे घटनास्थल पहुंचे और अधिकारियों से पूरी स्थिति जानी। मुख्यमंत्री टनल के भीतर तक गए और रेस्क्यू टीमों से अभियान की जानकारी ली।
हर संभव मदद पर धामी का रहा फोकस
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लापता तीन लोगों को निकालने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों, आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ टीमों का पूरा इस्तेमाल किया जाए। साथ ही घायलों के इलाज, परिजनों की मदद और मौके पर जरूरी इंतजाम में कोई कमी नहीं रहने के निर्देश भी दिए।

मलबा और पानी से चुनौती से भरा रहा रेस्क्यू
जिलाधिकारी गौरव कुमार पूरे समय घटनास्थल पर मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि टनल के भीतर लगातार मलबा और पानी आने से रेस्क्यू चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, फिर भी अभियान बिना रुके जारी है। बचाव दल पूरी सावधानी के साथ अंदर काम कर रहे हैं। घायलों को जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
घटनास्थल पर काबीना मंत्री भरत चौधरी, विधायक भूपाल राम टम्टा, आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी गौरव कुमार, एसपी सुरजीत सिंह पंवार समेत कई अधिकारी लगातार रेस्क्यू अभियान की निगरानी करते रहे।
4 महीने पहले हुई थी शादी, अब उजड़ गया परिवार
हादसे में जान गंवाने वालों में टिहरी जिले के थौलधार ब्लॉक के ग्राम गंवाल (काफलपानी) निवासी 31 वर्षीय प्रदीप पंवार भी शामिल हैं। प्रदीप की शादी इसी साल 13 अप्रैल को हुई थी। शादी के महज चार महीने बाद ही उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों के मुताबिक कुछ समय पहले ही प्रदीप की मां का निधन हुआ था। परिवार उस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि अब बेटे की मौत की खबर पहुंच गई। परिवार में पिता, पत्नी, दो भाई और भाभी हैं। गांव में शोक का माहौल है और नवविवाहिता पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।

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