
देहरादून, 17 अगस्त 2026:
उत्तराखंड में युवाओं को रिकॉर्ड सरकारी नौकरी देने के बाद अब सरकार का फोकस उन्हें अपना काम शुरू करने के लिए तैयार करने पर है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने स्वतंत्रता दिवस पर की गई सात घोषणाओं में चार को युवाओं के रोजगार, Skill Development और Entrepreneurship से जोड़ा है। धामी सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में करीब 34 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।
धामी बोले- युवाओं को रोजगार देने वाला बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, ‘हमारा लक्ष्य उत्तराखंड के युवाओं को सिर्फ रोजगार पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। सरकारी सेवाओं में पारदर्शी भर्ती के जरिए हजारों युवाओं को अवसर देने के बाद अब Skill Development, स्वरोजगार व Entrepreneurship के जरिए नए मौके तैयार किए जा रहे हैं। पर्वतीय व सीमांत क्षेत्रों के युवाओं, पूर्व सैनिकों व अग्निवीरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।
18 से 30 साल के युवाओं के लिए नई योजना
मुख्यमंत्री ने 18 से 30 साल की उम्र के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत युवाओं को IIT और IIM जैसे संस्थानों के सहयोग से मुफ्त Entrepreneurship और Skill Training देने की योजना है। कारोबार शुरू करने के लिए बैंक से लिए जाने वाले कर्ज की 30 फीसदी रकम सरकार अनुदान के तौर पर देगी। इससे युवाओं को कारोबार की ट्रेनिंग के साथ शुरुआती वित्तीय मदद भी मिल सकेगी।

पहाड़ में बनेंगे विशेष औद्योगिक पार्क
चमोली, पौड़ी गढ़वाल व अल्मोड़ा में Special Industrial Park विकसित किए जाएंगे। इन पार्कों में स्थानीय संसाधनों के साथ युवाओं की क्षमता को ध्यान में रखकर रोजगार व कारोबार के अवसर तैयार करने की योजना है। सरकार का फोकस पहाड़ी इलाकों में स्थानीय स्तर पर काम के मौके बढ़ाने पर है।
पहली बार बनेगा युवा आयोग
युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर उत्तराखंड में पहली बार युवा आयोग बनाने की घोषणा की गई है। यह आयोग शिक्षा, रोजगार, Skill Development, Entrepreneurship जैसे मामलों पर सुझाव देने के साथ नीतियों को लेकर सरकार के सामने अपनी बात रख सकेगा।
सीमांत क्षेत्रों के युवाओं को अतिरिक्त मदद
स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती गांवों के युवाओं को स्वरोजगार व कारोबार शुरू करने के लिए अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की। सीमांत क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर कमाई के साधन बढ़ाने के साथ युवाओं के पलायन को रोकने की दिशा में इसे अहम पहल माना जा रहा है।
अग्निवीर व पूर्व सैनिकों को उद्यमिता से जोड़ने की तैयारी
सरकार अग्निवीरों व पूर्व सैनिकों के अनुभव, प्रशिक्षण व कौशल को कारोबार से जोड़ने की योजना पर भी काम करेगी। इनके लिए स्वरोजगार व उद्यम शुरू करने में अतिरिक्त प्रोत्साहन देने की घोषणा की गई है।






